शाहबाद। तहसील के सामने स्थित तालाब में अवैध रूप से तीन मंजिला इमारत बनाए जाने की शिकायत पर मंगलवार को प्रशासन ने पैमाइश कराई। अधिवक्ता निधि गोपाल यादव ने इस संबंध में एसडीएम से शिकायत की थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने क्षेत्रीय लेखपाल समेत छह सदस्यों की टीम गठित की।
मंगलवार को टीम ने करीब ढाई घंटे तक तालाब की चारों ओर से पैमाइश की। इस दौरान तालाब की वास्तविक स्थिति और सीमाओं को चिह्नित किया गया। अधिवक्ता निधि गोपाल यादव का आरोप है कि तालाब को पाटकर अवैध रूप से कब्जा किया गया है और उसी पर तीन मंजिला पक्का भवन खड़ा कर दिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि तहसील प्रशासन की नाक के नीचे तालाब के क्षेत्र में कई अवैध पक्के निर्माण कर लिए गए हैं जबकि तालाब के बीच से रास्ता भी बना दिया गया है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इस तालाब पर कब्जे को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन हर बार पैमाइश के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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निजी लोगों के हाथों में थी पैमाइश की जंजीर
शाहबाद। पैमाइश के दौरान टीम में कानूनगो और लेखपाल मौजूद रहे। चर्चा रही कि पूरे तालाब की पैमाइश उन दो लोगों ने की, जो लेखपाल के साथ रहते हैं। केवल बीच-बीच में पैमाइश के दौरान लेखपाल और कानूनगो इशारे से बताते रहे। निजी लोगों की ओर से की गई इस पैमाइश को लेकर पूरे दिन चर्चा चलती रही। लोगों का कहना है कि निजी लोगों से पैमाइश कराना कानूनन गलत है। संवाद