रामपुर। मंडलायुक्त ने कलक्ट्रेट परिसर में स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न पटलों के माध्यम से संचालित हो रही कार्यवाहियों के बारे में बारीकी से जानकारी प्राप्त की। साथ ही तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित ऑडिट आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण करने के आदेश दिए।
सोमवार को मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह रामपुर पहुंचे। उन्होंने कलक्ट्रेट स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय, राजस्व अभिलेखागार, संयुक्त कार्यालय एवं आपदा कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों में पहुंचकर कार्मियों से उनके कार्यों के बारे में पूछा तथा जरूरी निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने राजस्व अभिलेखागार का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही साफ-सफाई एवं आमजन की सुविधा के दृष्टिगत पटलों पर कार्मियों की कार्यशैली भी जानी। इसके साथ ही मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज और सभी उपजिलाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक की तथा राजस्व से जुड़े मामले एवं ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित ऑडिट आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए। दैवीय आपदा के अंतर्गत प्रभावित लोगों को जरूरी राहत प्राप्त होने के बारे में समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में बेहतर कार्य किए गए हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि सभी उपजिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राजस्व ग्रामों में कृषक एवं अकृषक जमीनों की भौतिक स्थिति में अभिलेखों के अनुसार बदलाव की मॉनीटरिंग तथा सार्वजनिक स्थल, पशुचर एवं अन्य लोक महत्व के लिए आरक्षित जमीनों पर अनाधिकृत रूप से काबिज लोगों की सूची तैयार करें, ताकि अनाधिकृत कब्जे के मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई हो सके। अमीनों द्वारा राजस्व संग्रह की प्रगति के बारे में भी उन्होंने उपजिलाधिकारियों से बातचीत की तथा प्राथमिकता से राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए जरूरी निर्देश दिए। माटीकला से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन मिले इसके लिए माटीकला के लिए उपयुक्त तालाब की जमीनों का नियमानुसार आवंटन होना चाहिए।