समाजवादी सरकार में प्रदेश के कद्दावर मंत्री रहे आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी पर सांसद और विधायक खूब मेहरबान रहे हैं। पांच साल की सरकार में 16 से ज्यादा एमएलसी और सांसद ने युनिवर्सिटी को दस करोड़ रुपये की इमदाद पहुंचा दी। सत्ता परिवर्तन के बाद अब योगी सरकार ने इसकी जांच बैठा दी है। सरकार ने पूछा है कि किस प्रतिनिधि की निधि से कितनी राशि जौहर यूनिवर्सिटी को दी गई है।
समाजवादी पार्टी में सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी पर जहां प्रदेश सरकार मेहरबान रही, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के तमाम जनप्रतिनिधियों ने भी खूब दरियादिली दिखाई। शिक्षा के विकास के नाम पर विधान परिषद सदस्यों के साथ ही राज्य सभा सदस्य ने दिल खोलकर अपनी निधि को दान कर डाला। आजम पर मेहरबानी करने वालों में यूपी के विधान परिषद सदस्यों के अलावा दूसरे प्रदेशों के भी जनप्रतिनिधि शामिल हैं।
पांच साल तक उनकी जौहर यूनिवर्सिटी पर मेहरबानी होती रही। पांच साल के दौरान सपा के करीब 16 से ज्यादा एमएलसी और राज्यसभा सदस्य यूनिवर्सिटी के विकास के लिए अपनी निधि से 9. 59 करोड़ 41 हजार रुपये दे चुके हैं, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद अब जौहर यूनिवर्सिटी को दी गई निधि पर भी जांच की आंच आ गई है। आजम के खिलाफ वक्फ संपत्तियों समेत अन्य मुद्दों पर जांच बैठाने के बाद अब शासन ने जौहर यूनिवर्सिटी को दी गई धनराशि का ब्योरा तलब किया है।
पूर्व मंत्री आजम खां के विरोधियों के निशाने पर पहले से ही जौहर यूनिवर्सिटी है। अब यह मामला भी शासन में पहुंच गया है। शासन ने यूनिवर्सिटी को दी गई निधि की जांच बैठा दी है। डीआडीए ने सूची तैयार कर अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग को सौंप दी है।