भूखंड आवंटन बहाल कराने के लिए उद्यमियों ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की। निरीक्षण से पहले ही इकाइयों में रातों-रात मशीनें लाकर रख दीं। किसी ने मिर्च तो किसी ने खाली ड्रम भी रख दिए। एक उद्यमी ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। साथ ही इकाई में ताला भी जड़ दिया।
औद्योगिक स्थान अजीतपुर में कई साल पहले औद्योगिक इकाई लगाने के लिए कपिल आर्य, मधुगुप्ता, नीरजा गुप्ता और विपिन के नाम भूखंड आवंटित किया गया था। लेकिन भूखंड पर इकाई स्थापित नहीं की। करीब आठ महीने पहले चारों आवंटन निरस्त कर दिए। इसके खिलाफ उद्यमियों ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने अधिकारियों को उद्यमियों की मौजूदगी में औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करने के आदेश दिए।
उद्यमियों को निरीक्षण के नोटिस भेजे गए। इनमें से एक उद्यमी ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। मुख्य विकास अधिकारी भानुप्रताप सिंह, उप जिलाधिकारी सदर अभय कुमार और जिला उद्योग के उप आयुक्त अनुज कुमार उद्यमियों के साथ शनिवार को औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान एक इकाई में ताला पड़ा मिला। जबकि, तीन इकाइयों में बेतरतीब मशीनें लगीं मिलीं। इकाइयों में कुछ ड्रम और मिर्च भी सूखतीं मिलीं।