यतीमखाना प्रकरण में गवाह से हुई जिरह, आजम खां भी हैं आरोपी
अब 17 मई को होगी अगली सुनवाई
रामपुर। यतीमखाना प्रकरण के एक मुकदमे में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में मुकदमे के वादी से जिरह की। उनकी जिरह पूरी नहीं हो सकी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 मई को होगी।
साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आलेहसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में लोगों से मारपीट, लूटपाट की गई। उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया। इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी तक के आरोप लगे। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है। कोर्ट ने 11 मार्च को सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे।
इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। जिसमें शुक्रवार को तारीख नियत थी। मुकदमे के वादी अकरम उर्फ मुन्ने ने कोर्ट में गवाही दी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की लेकिन जिरह पूरी नहीं हो सकी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 मई को होगी।
12 मामले एक में ही समायोजित करने के लिए दिया प्रार्थना पत्र, आपत्ति
रामपुर। विधायक आजम खां के अधिवक्ता ने एमपी-एमएलए कोर्ट में थाना कोतवाली में दर्ज यतीमखाना प्रकरण के 12 मुकदमों को एक ही मुकदमे में समायोजित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। वहीं, अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने आपत्ति दाखिल की है। अब कोर्ट 12 मई को इस पर फैसला सुनाएगी।