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भांजी को जलाकर मारने में मामी को आजीवन कारावास की सजा

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रामपुर। रंजिश रखते हुए महिला ने मिट्टी का तेल डालकर अपनी बेटी और भांजी जला दिया था।जहां उपचार के दौरान भांजी की मौत हो गई थी। बेटी गंभीर रुप से झुलस गई थी। कोर्ट ने हत्या के मामले में मामी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बेटी को जलाकर मारने की कोशिश के मामले में पांच साल की सजा सुनाई है।
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भोट थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर निवासी रहमत अली की पहली पत्नी की मौत हो जाने बाद उसने अजीमनगर थाना क्षेत्र के गांव नगालिया आकिल निवासी सरताज जहां से शादी कर ली थी। ग्रामीण की पहली पत्नी से चार साल की एक बेटी उमहेरा थी। 16 फरवरी 2017 को रहमत अली की पत्नी और उसकी चार साल की बेटी और दो साल की भांजी दानिया घर पर अकेली थी।सरताज जहां उसकी बेटी से रंजिश रखती थी।दोपहर के समय महिला ने दोनों पर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया था।जिसके बाद दोनों मासूम जलती हुई पड़ोस में रहने वाली अजमद अली के घर पर पहुंच गई।जहां उन लोगों ने आग को बुझाकर पास में एक डाक्टर के यहां पर ले गए थे। जहां दिन के बाद दो साल की दानिया की मौत हो गई थी। कुछ दिनो के बाद जब उमेरहा सही होकर घर आई,तो उसने घरवालों को बताया था कि मां ने हम दोनों के ऊपर तेल डालकर आग लगा दी थी। बाद में जब पति ने इस मामले की जानकारी ली,तो सरताज जहां अपने मायके आ गई थी। ग्रामीण ने थाने में शिकायत की थी।लेकिन कोई कार्रवाई नही हुुई थी।उसने कोर्ट की शरण ली थी।चार मई 2017 को इस मामले में भोट थाने में रिपोर्ट दर्ज हो गई थी।उसके बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था।इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट लगा दी थी। यह मामला अपर सत्र न्यायधीश चतुर्थ के यहां पर चला रहा था। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुभाष चंद्र ने बताया कि इस मामले महिला को भांजी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा और बेटी को जलाकर मारने की कोशिश के मामले में पांच साल की सजा और जुर्माना डाला गया है।
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