अवैध खनन के मामले में शासन ने खनन से जुड़े अफसरों व कर्मचारियों को मय रिकार्ड के लखनऊ तलब कर लिया है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकारी मशीनरी से खनन का पूरा ब्यौरा तलब हुआ है। फिलहाल सभी अफसरों ने लखनऊ डेरा डाल दिया है।
अवैध खनन पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट ने अवैध खनन के लिए पुलिस व प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में जिले के दो पूर्व डीएम राकेश कुमार सिंह व राजीव रौतेला को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस मामले में वषऱभ 2015 से लेकर अब तक तैनात अफसरों की भूमिका की जांच कराकर कार्रवाईद करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस व प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। साथ ही इस मामले की जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। इस आदेश के बाद शासन की ओर से इस मामले में खनन से जुड़े अफसरों को मय रिकार्ड के तलब कर लिया है।
शासन के आदेश के बाद रामपुर के खनन अधिकारी के साथ ही बरेली में तैनात खनन अधिकारी शैलेंद्र मौर्य को मय रिकार्ड के तलब कर लिया है। इन अफसरों के साथ ही कर्मचारियों को भी बुलवा लिया गया है। शासन ने खनन से जुड़े पूरे रिकार्ड को भी मंगवा लिया है। खनिज विभाग से जुड़े अफसरों के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई हैं। अफसरों पर कार्रवाई का डंडा कब चल जाए अफसर कुछ बता पाने की स्थिति में ही नहीं हैं।