सांगला (किन्नौर)।
तरांडा ढांक के पास अवरुद्ध हुए एनएच-5 को शुक्रवार को बहाल कर दिया गया है। एनएच प्राधिकरण ने 26 घंटे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग को बहाल किया। वीरवार दोपहर दो बजे से एनएच पांच पर आवाजाही बंद थी। चट्टानें गिरने के कारण मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया था।
वीरवार को तरांडा ढांक के पास करीब 15 मीटर एनएच पर चट्टानें गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। इस कारण सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही एनएच प्राधिकरण ने बाधित एनएच को बहाल करने के लिए मशीनें और मजदूर तैनात कर दिए। 15 मीटर मार्ग पर 20 मीटर ऊंची भारी भरकम चट्टानें गिरने के कारण वीरवार को मार्ग बहाल नहीं हो पाया।
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किन्नौर आने और रामपुर-शिमला की तरफ जाने वाले यात्रियों को ट्रांसमिट कर भेजा गया। शुक्रवार सुबह से ही एनएच प्राधिकरण के मजदूर और मशीनें बाधित मार्ग को बहाल करने में जुट गए। शुक्रवार शाम 4 बजे तक एनएच प्राधिकरण ने सड़क को यातायात के लिए बहाल कर दिया। मार्ग बाधित होने से किन्नौर और शिमला जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ी। नेशनल हाईवे प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता ने कहा कि भारी भरकम चट्टानों के सड़क पर आने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई थी। प्राधिकरण ने अब मार्ग को बहाल कर दिया है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम कश्यप ने कहा कि वीरवार दोपहर बाद तरांडा के पास मार्ग बाधित होने से यात्रियों को ट्रांसमिट कर भेजा गया। शुक्रवार शाम से निगम की बसों की बराबर आवाजाही शुरू हो गई।