अवैध निर्माण पर आखिरकार रामपुर विकास प्राधिकरण की नजर टेढ़ी हो गई है। आरडीए ने गुरुवार से अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पहले दिन पचास से ज्यादा निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान खलबली मची रही।
अवैध निर्माण पर यूपी सरकार की नजर टेढ़ी हो गई है। सरकार ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं साथ ही अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में पिछले दिनों विकास प्राधिकरणों की बैठक हुई थी,जिसमें सामने आया था रामपुर में 706 निर्माण पूरी तरह अवैध हैं। जिनको ध्वस्त किया जाना चाहिए। इस आदेश के बाद प्रशासन अब अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने को लेकर गंभीर हो गया है।
रामपुर विकास प्राधिकरण ने अब अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत बृहस्पतिवार को आरडीए सचिव एवं नगर मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम व आरडीए की टीम ने हजरतपुर और ठोठर मुहल्ले में अभियान चलाया। इस दौरान जेसीबी के जरिए मकानों के लिए बनाई गई नींव व दीवारों को ढहा दिया गया।
जेसीबी ने इस दौरान कालोनी के लिए बनाए जा रहे बड़े गेट को भी ढहा दिया। करीब तीन घंटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान यहां डाली जा रही सड़कों को भी उखाड़ दिया गया। इस कार्रवाई से खलबली मच गई। कुछ लोगों ने हंगामा करने की कोशिश की,लेकिन पुलिस ने किसी तरह मामला निपटा दिया। आरडीए के सचिव ने बताया कि पहले दिन पचास से ज्यादा अवैध निर्माण ढहा दिए गए हैं।
अवैध निर्माण को ढहाने का काम आगे भी जारी रहेगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कहा कि जो मकान बिना नक्शे के बने हैं अभियान केवल उन्हीं के खिलाफ चलाया जा रहा है। जो नियम से बनाए मकान हैं वे सुरक्षित रहेंगे।