ईद मिलादुन्नबी की तैयारी मुकम्मल कर ली गई हैं। रंग-बिरंगी रोशनी से शहर जगमगा उठा। मस्जिद और खानकाहों में भी सजावट की गई है। शानो-शौकत के साथ किला मैदान से जुलूसे मोहम्मदी निकाला जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी जुलूस निकाले जाएंगे।
12 रबी उल अव्वल यानी 12 दिसंबर को हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम की पैदाइश का दिन है। लिहाजा, यौमे पैदाइश पर शहर में किला मैदान से जुलूसे मोहम्मदी निकाला जाएगा। इसकी तैयारी मुकम्मल कर ली गई है। जुलूस किला से शुरू होकर जच्चा-बच्चा केंद्र, सर्राफा बाजार, पान दरीबां, गुइया तालाब होता हुआ हाफिज साहब की दरगाह पहुंचेगा। बड़े जुलूस में शहर के कई मोहल्लों, ज्वालानगर, आगापुर, अजीतपुर गांव का भी जुलूस शामिल होगा। इधर, ईद मिलादुन्नबी पर शहर में रंग-बिरंगी रोशनी से सजावट की गई है।
मस्जिदों, मदरसों और घरों में जलसे मुनक्किद किए जा रहे हैं। सैदनगर क्षेत्र नगलिया आकिल, काशीपुर, बगरौवा, ढक्का, खौद, हकीमगंज, भोटबक्काल, दौंकपुरी टांडा, रतनपुरा शुमाली, मिलक बहादुरगंज, मिश्रीनगर, मुरसेना, देवरनिया, जिठनिया में भी जूलूसे मोहम्मदी निकलेगा। जुलूस की तैयारी पूरी कर ली है। पटवाई में भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजावट की गई है। यहां भी कई गांवों के जुुलूस शामिल होंगे। वहीं मसवासी के दरसों में तालिबे इल्म ने जुलूसे मोहम्मदी निकालने के लिए रिहर्सल किया।
मदरसों में दिन भर सरकार की आमद मरहबा की सदाओं से फ़िजा गूंजती रही। घरों पर भी परचम लहराने के साथ मदरसों और खानकाहों पर सजावट की गई है। मौलाना दिलशाद रजा नूरी ने बताया की जुलूसे मोहम्मदी की शुरुआत सुबह 9 बजे मदरसा शमशुलइस्लाम से की जाएगी। जुलूस स्वार बाजपुर मार्ग से होकर टांडा दढ़ियाल मार्ग से होता हजरत बैरंग शाह की दरगाह पर पहुंचेगा।