रामपुर। सूबे में सुर्खियों में रहे कारतूस कांड में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई थी। जिसमें पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में अगली तारीख 30 नवंबर तय की गई है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल 2010 को लखनऊ एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ ज्वालानगर पुल के नीचे से पीएसी के सेवानिवृत्त दरोगा यशोदानंदन को गिरफ्तार करते हुए सरकारी कारतूसों के दुरुपयोग के मामले का खुलासा किया था। एसटीएफ ने इस दौरान सीआरपीएफ के हवलदार विनोद और विनेश को भी गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी और कारतूस बरामद किए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही व उनसे पूछताछ के आधार पर मुरादाबाद में पीटीसी में तैनात आरमोरर नाथीराम सैनी को भी गिरफ्तार किया था। यशोदानंदन की निशानदेही पर इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, मऊ आदि जनपदों से भी अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद ट्रायल शुरू हो गया। इस मामले की सुनवाई रामपुर एडीजे द्वितीय कोर्ट में चल रही है। जिसमें सभी आरोपी जमानत पर चल रहे हैं, जबकि मुख्य आरोपी यशोदानंदन का निधन हो चुका है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रामऔतार सिंह सैनी ने बताया कि मंगलवार को कोर्ट में कारतूस कांड मामले में तारीख तय थी। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण इस मामले में अगली तारीख 30 नवंबर तय की गई है।