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सरकारी सील बेअसर: झोलाछापों के अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी दांव पर

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मुरादाबाद। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के दावों के बीच जिले में झोलाछापों का धंधा बेखौफ जारी है। कई स्थानों पर विभाग की ओर से सील लगाए जाने के बावजूद अस्पताल दोबारा खुल गए हैं और मरीजों का इलाज किया जा रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में ऐसे कई मामले सामने आए, जहां सरकारी कार्रवाई कागजों तक सीमित दिखी और जमीन पर झोलाछाप फिर सक्रिय मिले।
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लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सील हटाकर अस्पताल चलना और दूसरे स्थानों से ऑपरेशन कराने की व्यवस्था इस बात का संकेत है कि निगरानी व्यवस्था कमजोर है। वहीं यह भी आरोप लग रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ही झोलाछाप बेखौफ होकर सरकारी सील हटा रहे हैं और मरीजों से की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।

केस-1
जेल जाने के बाद भी नहीं रुका सलमा नासिर के नर्सिंग होम का संचालन

कटघर थाना क्षेत्र के करूला में झोलाछाप सलमा नासिर के नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग तीन बार कार्रवाई कर चुका है। परिसर को सील करने के साथ रिपोर्ट दर्ज कराकर झोलाछाप सलमा नासिर को जेल भेजा दिया गया था। इसके बावजूद जब पड़ताल की गई तो नर्सिंग होम में स्टाफ मौजूद मिला। वहां मौजूद दो युवतियों ने डिलीवरी कराने की बात पर कहा कि डॉक्टर शाम सात बजे आएंगी, मरीज ले आइए। सड़क किनारे खुलेआम लगा बोर्ड इस बात का सबूत है कि कार्रवाई के बाद भी मरीजों की जान से खिलवाड़ जारी है।
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केस-2
सील के बाद भी चलता मिला एकता विहार का चांद हेल्थ केयर

रामपुर रोड स्थित एकता विहार साउथ के चांद हेल्थ केयर पर स्वास्थ्य विभाग ने 17 अक्तूबर 2025 को सील लगाई थी। अमर उजाला द्वारा की गई पड़ताल के दौरान अस्पताल खुला मिला। अंदर काउंटर पर रजिस्ट्रेशन होता मिला और शुगर, बीपी व वजन जांचने के उपकरण भी मौजूद थे। इससे साफ है कि सील लगाने की कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ा।

केस-3
स्टार हेल्थ केयर से दूसरे अस्पताल तक ऑपरेशन का खेल
गुलाबबाड़ी स्थित स्टार हेल्थ केयर को एक सप्ताह पहले डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल ने सील किया था। यहां दिलशाद नाम का युवक बिना चिकित्सकीय डिग्री के ओटी संचालित करते पाया गया था। पड़ताल में अस्पताल बंद मिला, लेकिन शटर पर सील नहीं थी। जब बोर्ड पर लिखे नंबर पर कॉल की गई तो दिलशाद ने खुद को सक्रिय बताते हुए कहा कि पास के हिंद अस्पताल में अपने डॉक्टर से ऑपरेशन करवा देगा। उसने पहले रिपोर्ट भेजने को कहा और खर्च बाद में बताने की बात कही।


जिन स्थानों पर झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की गई है वहां दोबारा जांच कराई जाएगी। अगर कहीं अस्पताल खुला मिला तो विभागीय नियमों के तहत सख्त कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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- डॉ. संजीव बेलवाल, डिप्टी सीएमओ
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