रामपुर। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित राजकीय बालिका इंटर कालेज किला की शिक्षिका तृप्ति माहौर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। वे बच्चों की बेहतरीन शिक्षा एवं विषय की समझ के लिए सिर्फ सरकारी संसाधनों के सहारे नहीं रहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति उनका जुनून ही है, जो वे निजी खर्च पर भी आधुनिक शिक्षा की राहत प्रशस्त कर रही हैं। उन्होंने निजी खर्च न सिर्फ बच्चों के लिए प्रोजेक्टर लगवाया, बल्कि इतिहास और सामाजिक विज्ञान की प्रयोगशाला भी तैयार कराई। यह प्रयोगशाला और प्रोजेक्टर बच्चों की शिक्षा में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। वह कहती हैं कि शिक्षक एवं शिक्षिकाएं अपनी कक्षा में बच्चों को दूसरे के बच्चे समझकर न पढ़ाएं, बल्कि सोचें कि ये हमारे ही बच्चे हैं, तो वे भी वही सब करेंगे, जो हम करने का प्रयास करते हैं।
सामाजिक विज्ञान की प्रयोगशाला में मॉडलों एवं उपकरणों की भरमार है। प्रयोगशाला में विश्व व भारत का ग्लोब, मानचित्र, भारत का भौतिक स्वरूप का मॉडल, वर्षा सिस्टम, आविष्कार और बच्चों द्वारा बनाए गए आधुनिक मॉडल हैं। इस मॉडलों के माध्यम से ही बच्चों के विषय स्पष्ट होते हैं और विषय को समझने में आसानी होती है।