टांडा। ग्राम सहरिया लक्खा स्थित छुट्टन शाह मियां की मजार पर परिजनों के साथ पिकअप से आए चार रिश्तेदार हाजिरी देने के बाद नदी में नहाने चले गए। अचानक चारों गहरे पानी में डूबने लगे। शोर मचने पर मौके पर मछली पकड़ रहे ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में छलांग लगाई और तीन लोगों को बचा लिया, जबकि 15 वर्षीय मोहम्मद अहद तेज बहाव में बह गया। देर रात तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। शहादत अली की हालत गंभीर बताई गई। उसके पेट में पानी भर गया था।
ग्राम मोहनपुरा निवासी मोहम्मद अहद (15), उसके चाचा बबलू (27), शहादत अली (35) और समद (18) आपस में रिश्तेदार हैं। सभी परिजनों के साथ पिकअप से मजार पर हाजिरी देने पहुंचे थे। हाजिरी के बाद चारों नदी में नहाने चले गए। इसी दौरान अचानक वे डूबने लगे। शोर सुनकर आसपास मछली पकड़ रहे ग्रामीणों ने तुरंत नदी में छलांग लगा दी और तीन लोगों को बाहर निकाल लिया, लेकिन अहद तेज बहाव में बह गया।
सूचना पर एसडीएम कुमार गौरव, तहसीलदार निश्चय कुमार और कोतवाली प्रभारी बलवान सिंह मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में किशोर की तलाश कराई गई, लेकिन देर तक सफलता नहीं मिली।
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गांव में बाढ़ चौकी, फिर भी मौके पर नहीं थी बचाव व्यवस्था
ग्राम सहरिया लक्खा में जहां हादसा हुआ, वहीं बाढ़ चौकी भी स्थापित है। इसके बावजूद घटना के समय मौके पर प्रशासन की ओर से ऐसी कोई तत्काल बचाव व्यवस्था नजर नहीं आई, जिससे डूब रहे लोगों को समय रहते बचाया जा सके। स्थानीय ग्रामीणों ने ही नदी में उतरकर तीन लोगों की जान बचाई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मछली पकड़ रहे लोग मौके पर नहीं होते तो हादसा और बड़ा हो सकता था।
देर रात तक ग्रामीण प्रशासन से डूबे किशोर की तलाश के लिए तत्काल बोट की व्यवस्था करने की मांग करते रहे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में बाढ़ चौकी तो है, लेकिन ग्रामीणों में से कई लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं है। ऐसे में बाढ़ चौकी की उपयोगिता और वहां उपलब्ध बचाव संसाधनों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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युवक को तलाशने के लिए बोट की भी व्यवस्था की जा रही है और टीम को भी बुलाया जा रहा है। -निश्चय कुमार, तहसीलदार, टांडा