फोरम ने नई स्कूटी के साथ क्षतिपूर्ति और मुकदमा खर्च देने का दिया आदेश
क्षतिपूर्ति और मुकदमा खर्च की धनराशि पांच-पांच हजार रुपये निर्धारित
रामपुर। खरीदी गई स्कूटी खराब निकलने और सुनवाई न होने पर एक उपभोक्ता ने फोरम की शरण ली। फोरम ने सुनवाई के बाद निर्माता कंपनी और विक्रेता को 45 दिन के अंदर नई स्कूटी के साथ मुकदमा खर्च और क्षतिपूर्ति के रूप में पांच-पांच हजार रुपये उपभोक्ता को अदा करने का आदेश दिया है।
औद्योगिक आस्थान सिविल लाइंस निवासी संदीप सक्सेना ने 25 मई 2018 को सिविल लाइंस स्थित एक दोपहिया शोरूम से स्कूटी खरीदी थी। खरीदने के बाद उपभोक्ता द्वारा विक्रेता के शोरूम से दो सर्विस कराई गईं। जिसमें उपभोक्ता का आरोप है कि उसकी स्कूटी में हैंडल जाम होने समेत कई तकनीकी खामियां थी। उपभोक्ता ने इसकी शिकायत विक्रेता से की, लेकिन विक्रेता की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उपभोक्ता ने अपने अधिवक्ता सुचित मांगलिक के माध्यम से उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया। जिस पर दोनों पक्षों ने साक्ष्य और तर्क पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष देवीशंकर प्रसाद श्रीवास्तव, सदस्य अशोक कुमार विसारिया और मनोज देवी ने मेसर्स एसके टैंपो और निर्माता होंडा मोटर साइकिल को आदेश दिया है कि वो 45 दिन के भीतर उपभोक्ता को नई एक्टिवा 5जी स्कूटी दें। विकल्प के तौर पर विपक्षी धनराशि 53119 रुपये, साथ ही पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति व पांच हजार रुपये वाद व्यय अदा करने का आदेश दिया। फोरम ने अपने आदेश में कहा है कि परिवादी पुरानी स्कूटी विपक्षीगण को वापस करे।