त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चौथे चरण का चुनाव हंगामे, नोकझोंक और बारिश से व्यवधान के बीच संपन्न हुआ। मतदान सुबह सात बजे से शुरू हुआ। सुबह से मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हो गई। कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने पोलिंग कर्मचारियों से वोटर लिस्ट से नाम गायब होने की शिकायत करते हुए हंगामा किया।
बारिश थमने के बाद मतदान केंद्रों पर फिर से मतदाताओं की कतार लग गई। जिले में चौथे चरण का चुनाव काफी अहम माना जा रहा था। इस चरण में जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ख्याली राम लोधी, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शांति प्रसाद सागर सहित अन्य कई दिग्गज प्रत्याशी मैदान में थे।
पुलिस और प्रशासन को हिंसा की भी आशंका भी थी। इस चरण में अतिसंवेदनशील और अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्रों की संख्या भी अधिक थी। हालांकि इस चरण के चुनाव में किसी भी मतदान केंद्र पर हिंसा नहीं हुई। फर्जी मतदान और वोटर को चैलेंज करने को लेकर कई केंद्रों पर प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच नोकझोंक जरूर हुई।
चौथे चरण के चुनाव में जिला पंचायत के आठ और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 218 वार्डों के लिए मतदान हुआ। चुनावी मैदान में डटे प्रत्याशी भी स्थिति का जायजा लेते रहे। स्वार, टांडा, मिलकखान और दढ़ियाल स्थित मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हो गई। कई केंद्रों पर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक थी।
दोपहर के बाद मतदान की रफ्तार थोड़ी कम जरूर हुई थी, लेकिन शाम के वक्त फिर से मतदान केंद्रों पर लंबी कतार लग गई। अपराह्न तीन बजे से जब तेज हवा के साथ हल्की बारिश आई तो प्रत्याशियों के चेहरे पर हवाई उड़ने लगी। लगा कि मतदाता अब वोट डालने मतदान केंद्रों तक नहीं आएंगे।
कुछ देर में बारिश थम गई और मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लग गई। स्वार, टांडा, दढ़ियाल और मिलकखानम के मतदान केंद्रों पर वोटर लिस्ट से नाम गायब होने को लेकर मतदाताओं ने हंगामा भी किया। कई जगह पर सत्ता पक्ष के दबाव में वोटर लिस्ट से नाम गायब की शिकायत भी की गई।