रामपुर। ऑनलाइन ट्रेडिंग फुटवियर बाजार पर भारी पड़ रही है। फुटवियर की दुकानों पर लगातार ग्राहकों की संख्या घट रही है। व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शहर के जानकारों का कहना है कि ऑनलाइन खरीदारी से हर महीने फुटवियर बाजार को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
ऑनलाइन शॉपिंग जिले के फुटवियर व्यापारियों का कारोबार प्रभावित कर रही है। शहर के बाजार नसरुल्ला खां, शादाब मार्केट, मिस्टन गंज, सिविल लाइन, ज्वाला नगर समेत अन्य जगहों पर फुटवियर की दुकानों पर ग्राहक कम पहुंच रहे हैं। फुटवियर विक्रेताओं ने बताया कि जिले में फुटवियर की करीब एक हजार दुकानें हैं। इसमें से करीब 50 होलसेल की दुकानें है। जहां से मिलक, बिलासपुर, स्वार टांडा समेत अन्य जगहों पर फुटवियर बेचा जाता है। ऑनलाइन खरीदारी के कारण दुकानों पर पहले की तुलना में अब ग्राहकों की संख्या आधी हो गई। अब हर महीने फुटवियर व्यापारियों को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
फुटवियर कारोबार पर नजर
कुल फुटवियर की दुकान-2500
हर माह का कारोबार- पांच करोड़
महीने का नुकसान-दो करोड़ रुपये
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बोले फुटवियर विक्रेता
ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने से ग्राहकों की संख्या आधी हो गई है। जबकि ग्राहकों को 20 प्रतिशत तक छूट दिया जाता है। इसके बावजूद ग्राहक आते हैं, जूते और चप्पल देखने के बाद दाम पूछकर चले जाते हैं। ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ग्राहकों को 40 से 50 प्रतिशत तक का छूट मिल जाता है। इसलिए ग्राहक दुकानों पर सामान खरीदने के बजाय ऑनलाइन खरीद लेते हैं।
रिंकू सिंह
जिले में एक हजार फुटवियर की दुकानें हैंं। वर्तमान में फुटवियर बाजार से हर महीने 10 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। कोरोना के पहले दुकानों पर काफी भीड़ लगी रहती थी और फुटवियर के सामान भी अधिक बिकते थे। लेकिन जैसे ही ऑनलाइन सामान बिकना शुरु हुआ। लोग बाजार में आना ही कम कर दिए। कम दाम पर भी सामान बेचने में पसीने छूट जा रहे हैं।
शारिक सुहेल
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- फुटवियर की मार्केट पर ऑन ट्रेडिंग ने जबरदस्त प्रभाव डाला है ग्राहकों को स्कीमों के जाल में फंसा कर माल बेच रहे हैं। रामपुर में फुटवियर की बिक्री पर 50 फीसदी से ज्यादा असर पड़ा है। बहुत सो के कारोबार बंदी के कगार पर हैं
उज़ैर अहमद शमसी
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- ऑनलाइन कस्टमर की कोई सीमा नहीं है। दुकानों के कस्टमर बनाने पड़ते हैं। ऑनलाइन खरीदारी से कुछ तो नुकसान होता ही है। दुकानों पर खरीदारी करने से पहले ग्राहक उसे हर तरीके से देख सकते हैं। ऑन लाइन कारोबार पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
पप्पूराम
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