मिनिस्ट्री आफ कारपोरेट अफेयर्स द्वारा अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग से कराए गए सर्वे में रामपुर की दस में से पांच कंपनियों का पता ठिकाना ही नहीं मिल सका। जबकि, दो कंपनियों के दफ्तर में ताले पड़े मिले। सिर्फ तीन कंपनियां ही रिकार्ड मुहैया करा सकीं। लापता कंपनियों की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
मिनिस्ट्री आफ कारपोरेट अफेयर्स ने कुछ समय पहले जिले में चल रही 10 बड़ी कंपनियों की सूची जारी कर अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग को सर्वे करने और जरूरी अभिलेख जुटाने के निर्देश दिए थे।
अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग ने कंपनियों का सर्वे किया तो मौके पर सिर्फ तीन कंपनियां चलती मिलीं। जबकि पांच कंपनियों का कोई पता नहीं लग सका। कंपनियों ने जो पता दर्शाकर रजिस्ट्रेशन कराया था उस पत्ते पर चिट्ठी भी भेजी जो वापस लौट आई। जबकि दो कंपनियां बंद हो चुकी हैं। शासन को लापता कंपनियों की रिपोर्ट भेजी गई है। जो तीन कंपनियां चलती पाईं उन्होंने रिकार्ड भी मुहैया करा दिया है।