जरा सी लापरवाही आपके लाडले की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। खेल-खेल में मासूम खुद अपनी जिंदगी को जोखिम में डाल देते हैं, यहां तक की उनकी जान भी चली जाती है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को नगर के मोहल्ला टंडौली में सामने आया। माता-पिता के साथ खेत पर गए तीन साल के बच्चे ने खेल-खेल में कीटनाशक दवा खा ली। जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई।
आनन-फानन में उसे सीएचसी लाया गया लेकिन यहां के डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। समय पर सही उपचार न मिलने पर बच्चे की मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया।
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नगर के मोहल्ला टंडौली निवासी डोरीलाल खेती किसानी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। बताया जाता है कि वो शुक्रवार को अपनी पत्नी तथा तीन साल के बेटे मोहित को साथ लेकर खेत पर गया था। मोहित को खेत के पास बैठा कर डोरीलाल और उसकी पत्नी खेत में काम करने लगे। इसी बीच मोहित ने खेलते वक्त पास में रखी कीटनाशक दवा खा ली। दवा खाते ही मोहित की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। जिस पर डोरीलाल और उसकी पत्नी के पैरों तले जमीन खिसक गई।
आनन-फानन में मोहित को लेकर नगर के सामुदायिक स्वस्थ केंद्र लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाने की बजाय परिजन उसे निजी डाक्टर के पास ले गए। जहां डॉक्टर ने बालक को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।