गांव लश्करगंज में तालाब में जहरीला पदार्थ डालकर किसी ने हजारों मछलियां मार डालीं। मरी मछलियों की कीमत करीब छह लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। मत्स्य पालक ने अधिकारियों को घटना की सूचना दी है और शाहबाद कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। इधर, एसडीएम और कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तालाब का जायजा लिया।
क्षेत्र के गांव लश्करगंज में 19 बीघे के तालाब का पट्टा तहसील और मत्स्य विभाग की ओर से पूरन को मछली पालन के लिए आवंटित किया गया है। पूरन का आरोप है कि किसी ने चुनाव का फायदा उठाते हुए 15 फरवरी की रात तालाब में जहरीला पदार्थ डाल दिया। 16 फरवरी की सुबह जब वह तालाब पहुंचा तो देखा कि बड़ी मछलियों को अजीब ढंग से तैरते हुए देखा तो उनको तालाब से बाहर निकाला और डाक्टर से जांच कराई। पता चला कि तालाब में कोई जहरीला पदार्थ डाला गया है। तब जहरनाशक दवाएं भी तालाब में डाली गईं लेकिन तब तक जहर अधिक फैल चुका था, इसका कोई असर नहीं हो पाया।
तालाब का पानी जहरीला होने के कारण भारी तादात में मछलियां मरने लगीं। यह देखकर आवंटी पूरन के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। पूरन ने बताया कि 19 बीघा जमीन के तालाब में करीब पचास-साठ क्विंटल मछली थीं, जिनकी कीमत करीब छह लाख रुपये थी। उसने लोगों की मदद से तालाब की मछलियों को निकलवाकर एक गहरे गड्डे में दबाने का काम किया। इसके बाद उसने कोतवाली पहुंचकर अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उधर, एसडीएम बी प्रसाद और कोतवाल सोमप्रकाश वर्मा भी सूचना पाकर मौके पर पहुंच गए। एसडीएम और कोतवाल ने आश्वासन दिया है कि जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।