रामपुर। एसआईआर के नाम पर महिला और उनके दो बेटों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर का मामला गर्माने लगा है। इस मामले में अब जमीयत उलेमा से जुड़े उलेमाओं ने डीएम दफ्तर पहुंचकर ज्ञापन दिया। जिसमें एफआईआर को निरस्त कराने की मांग की। कहा कि एफआईआर नियम विरुद्ध कराई गई है।
दो दिन पहले एसआईआर फार्म भरने में गड़बड़ी के आरोप में सिविल लाइंस थाने में बीएलओ की ओर से ज्वाला नगर निवासी एक महिला व उसके दो बेटों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है,वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर अब सियासत गर्माने लगी है। रविवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने रामपुर पहुंचकर विरोध जताया,वहीं दूसरी ओर इस मामले में सांसद ने भी विरोध जताया है।
इस मुद्दे पर जमीयत उलेमा से जुड़े उलेमाओं ने सोमवार को डीएम दफ्तर पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन दिया। डीएम को संबोधित ज्ञापन में उलेमाओं ने कहा कि एसआईआर के तहत विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों के गणना प्रपत्र भरे गए थे। इस मामले में एक महिला ने अपने बेटे के नाम के फार्म जमा कराए थे, जिस पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आयोग के निर्देशों और उस व्यक्ति की पात्रता पर को लेकर पहले ही गाइड लाइन जारी की जा चुकी है।
एसआईआर के नाम पर दर्ज की गई एफआईआर नियम विरुद्ध है। क्योंकि महिला के दोनों बेटे कुवैत व दुबई में रहते जरूर हैं,लेकिन उनको वहां की नागरिकता नहीं मिली है, जिसके कारण वे भारतीय नागरिक बने हुए हैं और प्रवासी भारतीय मतदाता के रूप में पंजीकरण में बने रहने के पात्र हैं। यह मुकदमा नियम विरुद्ध है। एफआईआर को निरस्त किया जाना चाहिए।
ऐसे मामलों को जानबूझकर की गई धोखाधड़ी न मानते हुए संबंधित व्यक्तियों को चेतावनी दी जाए। इस मौके पर जमीयत उलेमा ए हिंद के जिलाध्यक्ष मोहम्मद असलम जावेद कासमी, जिला महासचिव मुफ्ती मोहम्मद साजिद खान, कारी उबैदुललाह, शारिब अली खान, मौलाना मुहम्मद इमरान नदवी, मौलाना मुहम्मद फुरकान, सय्यद आमिर मियां, मुहम्मद मुईन, मुहम्मद शाकिर, कारी शकील अहमद मौजूद रहे।