रामपुर। खाद की प्राइवेट दुकानों पर समितियों से करीब तीन गुना अधिक खाद बिक गया, जबकि समितियों पर किसान खाद की किल्लत से परेशान हैं। ऐसे में एआर को-ऑपरेटिव से प्राइवेट दुकानों पर खाद की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। इस तरह अब किसानों को सिर्फ अपने क्षेत्र की समितियों से ही खाद मिल सकेगा। साथ ही खाद की कालाबाजारी पर भी रोक लग सकेगी।
धान की रोपाई के बाद अब किसानों को फसल में यूरिया खाद डालने की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में कई समितियों पर खाद की कमी होने की बात सामने आ रही है, जिसको लेकर आएदिन हंगामे हो रहे हैं। वह भी तब जब रामपुर में खाद की कोई कमी नहीं है। ऐसे में एआर को-ऑपरेटिव से रिकार्ड चेक कराया, तो पता लगा कि समितियों से अधिक से प्राइवेट दुकानदार को खाद की आपूर्ति की गई है, जबकि होना यह चाहिए था कि समितियों पर अधिक खाद पहुंचना चाहिए था। मसलन, रामपुर में सिर्फ 7900 मीट्रिक टन खाद की बिक्री सहकारी समितियों से ही हो सकी है, जबकि प्राइवेट दुकानदारों को 22358 मीट्रिन टन खाद दिया गया है। ऐसे में दुकानदारों ने खाद की जमाखोरी कर ली और किसानों को खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए एआर को-ऑपरेटिव हरेन्द्र कुमार ने खाद की आपूर्ति की जांच की, जिसमें यह बात सामने आई।
ऐसे में उन्होंने प्राइवेट दुकानों को खाद की आपूर्ति न करने का फैसला ले लिया और प्राइवेट दुकानों पर इफको एवं कृभको के खाद की आपूर्ति पर रोक लगा दी। जिले में करीब 115 प्राइवेट खाद की दुकानें हैं। ऐसे में अब किसानों को सिर्फ अपने क्षेत्र की सहकारी समितियों से ही खाद मिलेगा। लिहाजा, किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं हो पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों को पर्याप्त मात्रा में खाद की आपूर्ति कराई जाएगी। जिले के किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा।