रामपुर। जिले की तीनों मिलों को चालू कराने के लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राणा शुगर मिल ने बृहस्पतिवार को चार करोड़ रुपये बकाया का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बाद भी मिल पर 16 करोड़ रुपये का बकाया है। गन्ना विभाग ने 31 अक्तूबर तक बकाए का भुगतान करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं राणा शुगर मिल 31 अक्तूबर से शुरू हो जाएगी।
रामपुर में करीब 36 हजार हेक्टेयर एरिया में गन्ने की फसल होती है। रामपुर में करीब 45 हजार गन्ना किसान गन्ना समितियों में पंजीकृत हैं, जिनका गन्ना रामपुर की तीन चीनी मिलों में सप्लाई किया जाता है। रामपुर में शाहबाद के करीमगंज की राणा शुगर मिल, दढ़ियाल की त्रिवेणी शुगर मिल और बिलासपुर की रुद्र बिलास चीनी मिल में गन्ने की सप्लाई होती है। गन्ना क्रय केंद्रों के माध्यम से चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई किया जाता है। जिला गन्ना अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार रामपुर की तीनों चीनी मिलें अगले माह से शुरू हो जाएंगी। रामपुर की राणा शुगर मिल ने बृहस्पतिवार को चार करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। अब 16 करोड़ रुपये का भुगतान रह गया है। शेष दो अन्य चीनी मिलों का शत प्रतिशत भुगतान हो चुका है। त्रिवेणी शुगर मिल 3 से पांच नवंबर के बीच और रुद्र बिलास चीनी मिल 15 नवंबर से शुरू होगी। जिला गन्ना अधिकारी शैलेंद्र कुमार के अनुसार पिछली दफा सरकार की ओर से गन्ने का रेट 350 रुपये प्रति कुंतल था, लेकिन अभी तक सरकार ने नया रेट घोषित नहीं किया है।
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सुपरवाइजर पर किसान ने लगाए गंभीर आरोप
शाहबाद। तहसील क्षेत्र के खंदेली गांव निवासी किसान कृष्णकांत शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री और कैन कमिश्नर से शिकायत की गई है। उनका आरोप है कि उनके 18 बीघा भूमि में गन्ने की फसल है, लेकिन सुपरवाइजर द्वारा 15 बीघा भूमि गन्ने की फसल का सर्वे किसी और किसान में दर्शा दिया गया है। मात्र तीन बीघा भूमि में गन्ने की फसल दर्शाई गई है। सुपरवाइजर पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए शिकायत कर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है। उनका यह भी आरोप है कि जिन किसानों के खेत में गन्ना नहीं है, उनका फर्जी सर्वे दर्शाया गया है। जिससे गन्ने की फर्जी खरीद की जा सके। संवाद