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दूसरे जिलों के किसान रामपुर की समितियों से लेने आ रहे खाद

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रामपुर। खाद की किल्लत और नई खाद महंगी होने की वजह से उत्तराखंड और रामपुर की सीमा से सटे प्रदेश के दूसरे जिलों के किसान खाद लेने के लिए रामपुर की सहकारी समितियों पर पहुंच रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही सहायक आयुक्त एवं निबंधक ने दूसरे जिलों के किसानों को खाद देने पर रोक लगा दी है। सिर्फ रामपुर के ही किसानों को खाद का वितरण करने के आदेश दिए हैं।
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सरकार की ओर से खाद के दाम बढ़ा दिए गए हैं। रामपुर में पुराने दाम यानि 1185 रुपये प्रति कट्टा खाद उपलब्ध है जबकि नई खाद के दाम प्रति बोरी 265 रुपये अधिक हैं। रामपुर के अलावा अन्य जिलों में खाद की बड़े पैमाने पर कमी हो गई है। हालांकि, रामपुर में अभी करीब आठ हजार मीट्रिक टन खाद की उपलब्धता है। लिहाजा, बॉर्डर से सटे उत्तराखंड के जिलों के किसान, मुरादाबाद, बरेली, बंदायूं, संभल के किसान भी रामपुर की सहकारी समितियों से आकर खाद ले रहे हैं। जैसे ही यह मामला विभाग के संज्ञान में आया, तो तुरंत सहायक आयुक्त एवं निबंधक ने समितियों से दूसरे जिलों को खाद देने पर रोक लगा दी। उन्होंने सभी समितियों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि सिर्फ ऐसे किसानों को ही खाद दिया जाए, जो रामपुर के रहने वाले हों और उनकी कृषि भूमि भी रामपुर में ही हों। इसके अलावा उन किसानों को भी खाद वितरित कर दिया जाए, जो रहते तो सीमावर्ती इलाकों में हों, लेकिन उनकी कृषि भूमि रामपुर में हो। किन्तु, उतना ही खाद दिया जाए, जितनी जमीन खतौनी में दर्ज हो। साथ ही किसानों की खतौनियां भी लेकर रख ली जाएं।
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