रामपुर। उत्तराखंड निवासी किसान प्रदीप सिंह (50) को गेहूं खरीद का भुगतान करने के बहाने से बुलाकर बंधक बना लिया। उसके साथ जमकर मारपीट की गई। जानकारी पर पहुंचे परिजनों ने किसी तरह किसान को छुड़वाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां किसान की मौत हो गई। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के कालाढूंगी थाना क्षेत्र के गांव नरोत्तमपुर निवासी अमरीक सिंह ने टांडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि ग्राम लांबाखेड़ा निवासी रियासत अली ने उसके भाई प्रदीप सिंह से गेहूं खरीदे थे। उसके भुगतान के लिए ग्राम सीकमपुर स्थित भगवानदास के ढाबे पर 24 मई को बुलाया था। वहां पर इकबाल, राजेश कुमार निवासी ग्राम दढ़ियाल, भगवानदास, रियासत अली तथा जोगिंदर सिंह निवासी पीपली नायक ने उसके भाई को बंधक बना लिया और रातभर उसके साथ मारपीट की।
आरोप है कि सभी ने उसके भाई से जबरन एक अनुबंध पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। राजेश, इकबाल और भगवानदास के नाम के पांच लाख रुपये के तीन चेक भी जबरन साइन करवा लिए। अनुबंध में उमेश और सर्वेश को गवाह बनाया गया है, जो की घटना में शामिल हैं। 25 मई को आरोपियों ने दो बार प्रदीप की पत्नी को फोन करके 8.32 लाख रुपये की फिरौती मांगी। न देने पर पति को जान से मारने की धमकी दी।
प्रदीप की पत्नी ने ये बात परिजनों को बताई तो परिजन ग्राम लांबाखेड़ा में परिचित लोगों की मदद से ढाबे पर पहुंचे। परिजनों को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गए। जिसके बाद गंभीर रूप से घायल प्रदीप को बाजपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया। वहां प्रदीप की मौत हो गई। टांडा थानाध्यक्ष प्रिंस शर्मा ने बताया तहरीर के आधार पर सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।