शहजादनगर थाना क्षेत्र में मौलागढ़ गांव में बैंक कर्ज के बोझ तले दबे किसान ने अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर जान दे दी। किसान पर दो बैंकों का करीब तीन लाख रुपये का कर्ज था। सीओ केमरी व शहजादनगर पुलिस मौके पर पहुंची। शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा।
शहजादनगर थाना क्षेत्र के गांव मौलागढ़ निवासी रफी पेशे से किसान था। परिवार के लोगों का कहना है कि उसने तीन साल पहले बैंक आफ बड़ौदा व जिला सहकारी बैंक से तीन लाख रुपये का लोन लिया था। रफी ने खेत में मटर बोई थी, जो सस्ती बिकी। मटर की फसल से किसान को काफी घाटा पहुंचा। इसलिए वह कर्ज की अदायगी को लेकर परेशान रहने लगा। परिवार वालों ने बताया कि करीब दो सप्ताह से वह गुमसुम था। कई बार उसने यह भी कहा कि वह बैंक के कर्ज कैसे निपटाएगा।
परिवार वालों ने बताया कि मंगलवार की दोपहर उन्होंने कमरा बंद कर खुद को बंदूक से गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुुनकर परिवार व आसपास के लोग के मौके पर पहुंचे। कमरा खोलकर देखा तो रफी की मौत हो चुकी थी। इससे घर में कोहराम मच गया। सूचना पाकर सीओ केमरी ओपी आर्या व शहजादनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुुंच गई।