किसानों की समस्याओं को गंभीरता से न लेने पर भाकियू कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट गेट पर बेमियादी धरने पर बैठ गए। गुस्साए किसानों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि अधिकारी किसानों को समस्याओं को गंभीरता नहीं ले रहे हैं। उनके आश्वासन के बाद भी किसी समस्या का समाधान नहीं किया गया।
राष्ट्रीय आह्वान पर भाकियू ने कुछ दिन पहले कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरना दिया था। किसानों ने डीएम को स्थानीय समस्याओं से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा था। उसमें गन्ने का भुगतान, फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की थी। किसानों का कहना था कि बिजली विभाग के कर्मचारी छोटे किसानों पर मुकदमे दर्ज करा रहे हैं।
मोदी फैक्ट्री ने नहर पर अवैध कब्जा कर लिया है। धार्मिक स्थल का भी रास्ता बंद कर दिया है। धान खरीद में धांधली बरती गई है। राशन वितरण प्रणाली का भी बुरा हाल है। किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। प्रशासन की कार्यशैली से क्षुब्ध किसान मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में मंगलवार को कार्यालय पर एकत्र हुए।
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों की भीड़ को देखकर पुलिस ने गेट बंद कर दिया। किसानों ने गेट पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के बाद किसान टेंट लगाकर वहीं बेमियादी धरने पर बैठ गए।
मंडल उपाध्यक्ष का कहना था कि जब तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं होगा उनका धरना जारी रहेगा। धरना देने वालों में जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह यादव, होरी लाल, अजीत सिंह, मुस्तकीम, उस्मान अली, डा. जमील, तेगबहादुर, परमेश्वरी प्रसाद भी शामिल थे।