टांडा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान लेने के बाद युवतियों के शादी से मुकरने का मामला सामने आया है। प्रकरण में अधिशासी अधिकारी (ईओ) थाने में तीनों युवतियों के विरुद्ध धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर भी दर्ज करा दी है। इसमें आफरीन जहां, शमा परवीन और नाजरिन नामजद हैं। ये तीनों सगी बहनें हैं, जो मोहल्ला मनिहारन चक की रहने वाले अब्दुल नवी की बेटियां हैं।
ईओ पुनीत कुमार ने पुलिस को बताया है कि तीनों नामजद युवतियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर 2023 को आफरीन जहां का विवाह नावेद पुत्र असगर अली निवासी इमरता खैमपुर स्वार, शमा परवीन का विवाह तहब्बर पुत्र बदलू निवासी अजयपुर सैजनी नानकार और नाजरीन जहां का विवाह मो. यासिन पुत्र मो. हनीफ निवासी कुंडा मिस्सरवाला उधमसिंह के साथ हुआ था। इन तीनों महिलाओं ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ भी लिया, लेकिन ये लोग अब कह रही हैं कि उन्होंने कोई विवाह नहीं किया है। ऐसी स्थिति में उनसे योजना के मिले लाभ को विभाग को वापस करने के लिए बार-बार कहा जा रहा है, लेकिन वह अनसुना कर रही हैं। उधर, इस मामले में ईओ ने बताया कि अहमद नवी सैफी ने डीएम से शिकायत कर तीनों युवतियों, आफरीन जहां, शमा परवीन और नाजरिन के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में लाभ लिए जाने की जांच की जाए, चूंकि ये लोग कह रही हैं कि उन्होंने इस योजना में कोई लाभ नहीं लिया है, वह लोग अभी अविवाहित हैं। ईओ ने कहा कि इस मामले की जांच उन्होंने प्रधान लिपिक धनीराम सैनी से कराई थी, जिसमें पाया गया कि इन तीनों युवतियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में लाभ लिया है और शादी भी की है। इसी धोखाधड़ी में उन्होंने तीनों आरोपी युवतियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है।