बिजली विभाग के बाबू आय से अधिक संपत्ति कमाने के मामले में फंस गए हैं। मौजूदा समय में शामली में तैनात सहायक लेखाकार के खिलाफ भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिजली विभाग के बाबू भ्रष्टाचार की दल दल में फंसे हुए हैं। इस तरह की शिकायतें यूं तो आम तौर पर मिलती रहती थीं, लेकिन अब इस मामले में विजिलेंस की नजर टेढ़ी हो गई है। बिजली विभाग के द्वितीय खंड में सहायक लेखाकार के पद पर 2011 से 2014 तक तैनात रहे। यहां तैनाती के दौरान विजिलेंस की टीम से भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी। इस शिकायत की जांच विजिलेंस को सौंपी गई।
विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की तो सहायक लेखाकार फंस गए। विजिलेंस की टीम ने सहायक लेखाकार से संपत्ति का विवरण मांगा। साथ ही पूछा था कि रामपुर में तैनाती से पहले 21.65 लाख रुपये की संपत्ति थी, जो कि यहां रहते हुए उनकी संपत्ति 30 लाख कैसे पहुंच गई, जबकि उनकी आय काफी कम है। \
इसका जवाब सहायक लेखाकार नहीं दे पाए, जिसके बाद विजिलेंस इंसपेक्टर जयपाल सिंह ने सिविल लाइंस थाने में सहायक लेखाकार प्रवीन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रवीण सिंह इस वक्त शामली में तैनात हैं। वह मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं।