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प्रशासन ने शिक्षक संघ का चुनाव रुकवाया

Mon, 09 Jan 2017 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
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राजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष
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चुनाव में पद के खातिर शिक्षक   नेता आपस में ही भिड़ गए। वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का आरोप   लगाते हुए शिक्षक नेताओं के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई। कुर्सियां भी फेंक दी गईं, जिससे अफरातफरी मच गई। हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट  और पुलिस ने हंगामा कर रहे शिक्षकों को किसी तरह समझाबुझाकर शांत किया। बिना अनुमति के चुनाव कराने पर नाराजगी जाहिर की और चुनाव भी रुकवा दिया।                   

माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला कार्यकारिणी का चुनाव रविवार को विद्यामंदिर इंटर कालेज में होना था, जिसके लिए पिछले कई दिन से शिक्षक नेता अपने गुट के शिक्षकों से संपर्क बनाए हुए थे। रविवार की दोपहर करीब 12 बजे कालेज में शिक्षकों का जुटना शुरू हो गया। यहां पर वोटर लिस्टों का प्रकाशन होना था, लेकिन जब वोटर लिस्ट चस्पा होने के लिए आई तभी एक पक्ष के शिक्षकों ने वोटर लिस्ट पर आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। 
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 जिलामंत्री पद के दावेदार प्रेम सिंह ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़ा किया गया है, जबकि चुनाव अधिकारी धर्मवीर सिंह इससे इंकार करते रहे। इसके बाद

उन्होंने चुनाव अधिकारी से लिखित तौर पर भी शिकायत की। यहां पर शिक्षकों का हंगामा तेज हो गया। उनका कहना था कि जिलाध्यक्ष पद के दावेदार भीम सिंह विश्नोई का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था। विश्नोई भी यहां पहुंचे और उन्होंने भी इस पर आपत्ति जताई, लेकिन चुनाव में लगे पदाधिकारियों ने शिकायतों को नजर अंदाज करते हुए प्रक्रिया बढ़ाने की कोशिश की तो हंगामा और तेज हो गया। 
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 इस बीच दूसरे पक्ष के शिक्षक नेता राजेंद्र सिंह और उनके समर्थक भी आ गए। दोनों पक्षों के शिक्षक आपस में ही भिड़ गए। यहां काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस बीच किसी ने कुर्सियां भी पलट दी, जिससे हंगामा खड़ा हो गया और फिर अफरा तफरी मच गई।  आनन-फानन में पुलिस भी मौके पर  पहुंची और फिर सिटी मजिस्ट्रेट ओम प्रकाश भी मौके पर पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने आयोजकों से चुनाव कराने की परमीशन मांगी, लेकिन कोई परमीशन नहीं दिखा सका, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया को बंद कराने के आदेश दिए। बाद में चुनाव की प्रक्रिया को आनन-फानन में बंद करा दिया गया।  
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