आल इंडिया जमात रजाए मुस्तफा की जानिब से पटवाई और नदनऊ में जोशो-खरोश के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस में आशिके रसूल हाथों में हरे परचम लिए थे। देखो मेरे नबी की शान, बच्चा-बच्चा है कुरबान के नारे भी लगा रहे थे। नदनऊ, सोहना, बहपुरा, घोसीपुरा, चंडका मदारपुर नवाबगंज, नवाबनगर का जुलूस कई रास्तों से गुजरता हुआ पटवाई पहुंचा तो बड़ा जुलूस बन गया।
ऊंट और घोड़ों का भी सजाया गया था। जुलूस पटवाई थाने के सामने से शम्सी की साप्ताहिक बाजार में पहुंचा। यहां पूरे दिन लंगर तकसीम किया गया। उलमा ने तकरीर की। जुलूस के दौरान सुरक्षा के सही इंतजाम होने पर आल इंडिया जमात रजाए मुस्तफा की ओर से पटवाई थानाध्यक्ष महेश प्रसाद वर्मा को सम्मानित किया।
जुलूस में हाफिज असगर अली, हाफिज जाहिद अली, हाजी जमीर खां, हाजी इकबाल अहमद, कल्लू, अमीर खां, परवेज खां, शावेज खां, आकिल खां, नसीम मियां थे। धमोरा जामा मस्जिद से भी जुलूस का आगाज किया गया। जुलूस पैगंबरपुर रोड होकर हाईवे पर पहुंचा। गांव की गलियों से गुजरता हुआ जंगलशाह बाबा की जियारत पर खत्म हो गया।
इस दौरान जामा मस्जिद के इमाम कारी शकील अहमद, नूरी मस्जिद के इमाम हाफिज वाजिद, तेलीपुरा की मस्जिद हाफिज भूरा खां, हाफिज रईस अहमद, राशिद कुरैशी, मंजूरी कु रैशी, आजम वारसी, राजा, अमानत खां, शाकिर खां, अनवार कुरैशी, अजीम भी मौजूद थे।