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पढ़े-लिखे हाथों में ब्लाक की कमान

Sun, 07 Feb 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
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अब पढ़े-लिखे हाथों में ब्लाक प्रमुख की कमान आ गई है। निरक्षर बीडीसी सदस्यों की भीड़ में ये नए ब्लाक प्रमुख ग्रामीण इलाकों के विकास को नई रोशनी देने की तैयारी कर रहे हैं। ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव साथ ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का काम पूरा हो गया। पंचायत चुनाव में इस बार पढ़े-लिखे प्रतिनिधियों का दबदबा रहा।
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चाहे प्रधानी की बात हो या फिर जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष की। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष सरकारी स्कूल के रिटायर्ड हेडमास्टर रह चुके हैं। अब ब्लाक प्रमुख पद पर ज्यादातर ब्लाक प्रमुख पढ़े-लिखे चुने गए हैं। जिले में ब्लाक प्रमुख पद की कुल छह सीटें हैं। स्वार को छोड़ दिया जाए तो सभी ब्लाकों में पढ़े-लिखे प्रमुख चुने गए हैं।


सैदनगर के ब्लाक प्रमुख मोहम्मद आरिफ चौधरी और मिलक के प्रमोद कुमार ग्रेजुएट हैं। चमरौवा की ब्लाक प्रमुख ममता 12वीं और बिलासपुर की प्रमुख रविंद्र कौर हाईस्कूल पास हैं। स्वार में नगर पालिकाध्यक्ष शफीक अंसारी की मामी कुबरा अंसारी ही निरक्षर हैं।
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शाहबाद के ब्लाक प्रमुख सबसे कम उम्र के हैं। स्वार की ब्लाक प्रमुख कुबरा अंसारी सबसे बुजुर्ग ब्लाक प्रमुख हैं। शाहबाद के ब्लाक प्रमुख पद सुमित सागर बने है। सुमित की उम्र महज 33 साल है। वो सभी ब्लाक प्रमुखों में कम उम्र के हैं। चमरौवा की ब्लाक प्रमुख ममता भी युवा हैं।


42 साल की उम्र में पहली दफा ब्लाक प्रमुख चुनी गई हैं। बिलासपुर में रविंद्र कौर को ब्लाक प्रमुख चुना गया है। वो 43 साल की हैं और लगातार दूसरी दफा ब्लाक प्रमुख चुनी गई हैं। मिलक में प्रमोद कुमार और स्वार में कुबरा बेगम की उम्र 50 से ऊपर पहुंच चुकी है। कुबरा 56 की, जबकि प्रमोद 51 साल के हैं।
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