मच्छर भगाने के लिए अब हानिकारक केमिकल वाली क्वाइल, स्प्रे या ऑल आउट की जरूरत नहीं, क्योंकि अब गोबर और जड़ी बूटियों से बनी क्वाइल, स्प्रे और आल आउट आ रहे हैं। शहर का गोसेवा परिवार इन उत्पादों पश्चिम बंगाल से आयात कर को लोगों को पहुंचा रहे हैं। कई गो उत्पाद खुद से भी तैयार करते हैं, इसके लिए देश भर में घूमकर प्रशिक्षण लेते हैं।
शहर में दर्जन भर युवाओं का गौ सेवा परिवार है, जो गो संरक्षण और गोशाला विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। इसके तहत गो से जुड़े उत्पादों के इस्तेमाल का प्रचार प्रसार करने में लगे हैं। गौ उत्पादों के तहत दवाइयां, अगरबत्ती आदि का क्रय-विक्रय करते हैं। अब इन युवाओं ने गोबर से बनी मच्छर भगाने की क्वाइल, स्प्रे और ऑल आउट मंगवाया है। इन्हें पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की गौशाला से मंगवाया जा रहा है। परिवार के शोभित बंसल और रजत मेहरोत्रा ने बताया कि मच्छर भगाने के ये उत्पाद पूरी तरह वैदिक और प्राकृतिक तरीके से बनाए गए हैं। इसमें कोई भी हानिकारक कैमिकल नहीं है।
बताया कि इनमें गोबर और गोमूत्र के अलावा देसी पंचगव्य, नीम, बेल, मिशिन्दा, तुलसी, शैफाली, बसाक, आम, चंदन, हवन सामग्री, कपूर, लकड़ी का बुरादा, अक्षत, पलाश, पीपल, जटामासी, नखला, लोबान, कस्तूरी, शिलाजीत, जूने का पाउडर, केवांच, गुड, दूर्बा, मैदा, गेरू आदि जड़ी बूटी मिली है। खुशबू के लिए इसमें इत्र भी मिलाया गया है। ये सभी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक हैं।
बताया क्वाइल की कीमत 40 रुपये, आल आउट 60 रुपये और स्प्रे की कीमत 161 रूपये है। कहा कि हमारा उद्देश्य गोशाला का विकास है जो गो उत्पादों के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल से संभव है। इसीलिए गुजरात से गोबर की बनी मूर्तियां, महाराष्ट् से भी कई उत्पाद मंगाए जा रहे हैं। यहां पर भी गोबर की धूपबत्ती, उपले, बरगुलिया और मूर्तियां बनाते हैं।