रामपुर। कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। किसानों की फसलें बाढ़ के पानी में पूरी तरह से जलमग्न हैं। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।
रामगंगा-कोसी नदी के आसपास रुस्तमपुर, छप्पर्रा, रवन्ना दलेल नगर, प्राणपुर, घोसीपुरा, सालेपुर के साथ ही ईश्वर और अन्य गांव समाहित हैं। इन गांवों में मानसून के दिनों से ही ग्रमीण काफी भयभीत हैं। यहां पर कोसी नदी का जलस्तर काफी अधिक बढ़ा है। इससे पहले 3300 क्यूसेक पानी कोसी में बढ़ने से जल स्तर पर काफी असर पड़ा था। लोगों के घरों की चौखट से कुछ दूरी तक पानी आ गया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया था और राहत दिलाई थी। इसके बाद बीच में जल स्तर सामान्य हुआ तो लोगों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन सोमवार को दोबारा से सात हजार क्यूसेक पानी बढ़ने से इजाफा हो गया है। जिससे आसपास के गांवों के इलाकों में पानी बढ़ गया है। जिससे इन गांवों की 20 हजार के करीब आबादी की धड़कनें फिर तेज हो गईं हैं।
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रामगंगा-कोसी नदी में इससे पहले 3300 क्यूसेक पानी था, जबकि अब सात हजार के आसपास है। जलस्तर बढ़ा हुआ है, लेकिन अभी खतरे के निशान से दूर है।
-सियाराम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, रामपुर