राज्यरानी एक्सप्रेस डिरेलमेंट हादसे को लेकर आरपीएफ ने भी अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है। आरपीएफ ने भी हादसे की वजह रेलवे ट्रैक में कमी को बताया है जबकि मामले में जीआरपी द्वारा अभी विवेचना की जा रही है। जिसमें रेलवे कर्मियों व अफसरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
शनिवार 15 अप्रैल को मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। हादसे में ट्रेन के 12 में से 10 कोच पटरी से उतर गए थे। हादसे के बाद से ही घटना की कई स्तर पर जांच शुरू की गई। जिसमें एटीएस, बम निरोधक दस्ता, रेलवे के सुरक्षा व इंजीनियरिंग विभाग, आरपीएफ और जीआरपी के साथ ही प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेट जांच कराई जा रही है। जिसमें जीआरपी द्वारा रेलवे कर्मियों व अफसरों की लापरवाही की बात कहते हुए अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
रेलवे कर्मियों व अफसरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं एटीएस भी अपनी रिपोर्ट जीआरपी को सौंप चुकी है जिसमें किसी भी प्रकार के विस्फोटक के प्रयोग न होने की बात कही गई है। रेलवे ट्रैक की पेट्रोलिंग की जिम्मेदारी आरपीएफ की भी होती है। लिहाजा आरपीएफ द्वारा भी घटना की विभागीय जांच की गई जो कि स्थानीय अफसरों द्वारा पूरी कर रिपोर्ट कमांडेंट को सौंपी जा चुकी है।