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डिस्टलरी से दस्तावेज तलब, दो दिनों में पूरी होगी जांच

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रामपुर। रामपुर डिस्टलरी में आग लगने के कारणों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। इसके लिए अधिकारियों ने न सिर्फ फैक्टरी का मुआयना किया, बल्कि फैक्टरी प्रबंधन से दस्तावेज तलब किए हैं। इन दस्तावेजों के आने के बाद आगामी दो दिनों में टीम की जांच पूरी हो जाएगी, जिसके बाद नगर मजिस्ट्रेट जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपेंगे।
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शनिवार को सुबह करीब आठ बजे रामपुर डिस्टलरी के अल्कोहल प्लांट में आग लग गई थी। हादसे में फैक्टरी का काफी नुकसान हुआ है। आग इतनी भयावह थी कि अग्निशमन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी आग बुझाने में 20 घंटे लग गए। इसमें एक मजदूर झुलस गया, जबकि नौ मजदूर दीवार गिरने से घायल हो गए। हादसे के बाद जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने नगर मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया था, जिसके बाद रविवार को नगर मजिस्ट्रेट के साथ ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल, उपायुक्त उद्योग सुशील कुमार शर्मा, नगर क्षेत्राधिकारी विद्या किशोर शर्मा फैक्टरी में जांच करने के लिए पहुंच गए। अफसरों को शुरूआती जांच के दौरान काफी कमियां मिलीं। यहां न तो अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम थे और न ही वार्षिक मेंटनेंस का कार्य ठीक प्रकार से किया हुआ मिला। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि फैक्टरी में आग बुझाने के इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में आग बुझाने के यंत्रों की वार्षिक मेंटनेंट, रिफिलिंग, अल्कोहल टैंकों के मेंटनेंट के लिए किए जाने वाले कार्य समेत तमाम बिंदुओं को लेकर दस्तावेज तलब किए गए हैं। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही उन कमियों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी जा सकती है।
सात पहले हुए हादसे के बाद क्या उठाए गए कदम
रामपुर। जांच के लिए पहुंचे अफसरों ने रामपुर डिस्टलरी से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी तो मांगी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल भी खड़ा करते हुए फैक्टरी प्रबंधन से पूछा है कि जब सात माह पहले जब आग लगी थी, तो उसके बाद अग्निशमन में सुधार के लिए क्या क्या कदम उठाए गए। फैक्टरी में मानकों के अनुरूप कार्यों के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।
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