सीएचसी का मंगलवार को विधानसभा की स्थायी समिति की अध्यक्ष के साथ आई टीम के निरीक्षण में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। केंद्र अधीक्षक समेत कई डाक्टर गैरहाजिर मिले। सबसे पहले टीम फार्मासिस्ट के कमरे में पहुंची और यहां पर हाजिरी रजिस्टर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के केंद्र अक्षीधक समेत अन्य डाक्टर गैरहाजिर थे।
सबसे पहले उन्होंने केंद्र अधीक्षक की जानकारी ली। तब टीम की सूचना पर आए डा. असलम पहुंच गए। तब टीम ने उनसे लिखित चार्ज को लेकर जानकारी की। तब उनका कहना था कि उनको कोई चार्ज नहीं है और वह अपनी डयूटी पर हैं। अन्य डाक्टर बिना किसी सक्षम अधिकारी के स्वीकृति बिना अवकाश पर पाए गए।
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टीम महिला अस्पताल में पहुंची जहां पर स्टाफ सिस्टर बिनीता महताब मिलीं। महिला डाक्टर की जानकारी ली। तब पता चला कि वह तीन महीने ज्वाइन करने आईं महिला डा.ममता उसी दिन मुरादबाद अटैच होने का आदेश बनवाकर साथ लाईं थीं और वहीं पर अटैच हैं। सीएचसी पर महीनेभर में साढे तीन सौ प्रसव होते हैं। जिस पर टीम दंग रह गई। उन्होने प्रसूता से बात की और करीब 15 मिनट में ही चली गई। सीएचसी पर अधीक्षक के गैरहाजिर होने पर टीम ने बकौल प्रत्यक्ष खरी-खोटी सुनाई।
टीम प्राथमिक विद्यालय रोराकला पहुंची। जहां पर पठन-पाठन व्यवस्था से असंतुष्ट दिखी। टीम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया जहां पर खामियां पर नाराजगी जताई। टीम ने आंगनबाड़ी केंद्र लोहा का निरीक्षण भी किया जहां अव्यवस्थाएं मिलीं।