फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर की देहरी पर जलेगा दीपक

Mon, 09 Nov 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
पांच दिनों तक चलने वाले दीपावली उत्सव का सोमवार को धनतेरस के साथ आगाज होगा। धनतेरस पर श्रद्धालु भगवान कुबेर, धनवंतरि और यम का पूजन करेंगे। यम का पूजन रात में होगा। सोमवार को जिले भर में धनतरेस का त्योहार मनाया जाएगा। तैयारियां भी जोरों पर हैं। सोमवार को श्रद्धालु धनवंतरि, कुबेर और यमराज का पूजन करेंगे।
विज्ञापन



पंडित संतोष शर्मा ने बताते हैं कि कार्तिक कृष्ण की त्रयोदशी को आयुर्वेद के जनक धनवंतरि का जन्म हुआ था। भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य का स्थान धन के ऊपर माना जाता है, इसीलिए दीपावली पर्व मनाने से पहले धनतेरस का पूजन होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन से धनवंतरि का जन्म हुआ था।


जन्म के समय उनके हाथ में अमृत कलश था। इसीलिए धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा है और इसे शुभ माना जाता है। रात में यम के नाम से दिया निकाला जाता है। इसको लेकर मान्यता है कि राजा हिम के पुत्र की कुंडली में उसके विवाह के चौथे दिन सर्पदंश से मृत्यु होना कहा था। इसकी जानकारी हिम की पुत्रवधू को हुई।
विज्ञापन



उसने अपने पति का जीवन बचाने के लिए विवाह के चौथे दिन कार्तिक माह की कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को पूरा दिन यमराज भगवान के पूजन में बिताया। उसने घर के मुख्य द्वार पर गहने आदि का ढेर लगा दिया और शाम के वक्त उस पर दीपक जलाकर रख दिया। यमराज सर्प के रूप में हिम के पुत्र की जान लेने आए।


घर के मुख्य द्वार पर रखे खजाने के ढेर पर बार-बार नीचे सरकने के कारण उसे पार नहीं कर सके। इस कारण मृत्यु के समय पर हिम के पुत्र का जीवन नहीं ले पाए और हिम का पुत्र का जीवन बच गया। तभी से इस दिन शाम के समय यमराज पूजन और दिन ढलते ही घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने का चलन है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें