रामपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में मतदान से पांच दिन पहले जनपद में तीन जिला पंचायत सदस्यों की संपत्ति की जांच एकाएक शुरू होने पर राजनीतिज्ञों ने सवाल उठाए हैं। सपा और बसपा से जुड़े इन सदस्यों ने प्रशासन पर सत्ता के दबाव में कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दबाव बनाकर चुनाव मैदान से हटने या भाजपा के समर्थन में मतदान करवाने का माहौल तैयार किया जा रहा है।
सपा नेता डॉ. नूूर मोहम्मद की पत्नी फात्मा जिला पंचायत के वार्ड 14 से सदस्य चुनी गई हैं। उनके ससुर हाजी लड्डन अजीमनगर में रहते हैं। जहां मकान व आठ दुकानें बनी हुई हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि रविवार देर रात सिंचाई विभाग व प्रशासन की टीम ने पहुंचकर उनके निर्माण को नहर विभाग की जमीन पर अवैध रूप से किए जाने का आरोप लगाते हुए लाल निशान लगा दिए हैं। कुछ दिन पूर्व डॉ. नूर मोहम्मद व उनकी पत्नी फात्मा के सिविल लाइंस क्षेत्र में निर्माणधीन आवास को भी आरडीए ने सील कर दिया था। इससे पहले 13 जून को नगर में उनके एक क्लीनिक को भी सील किया गया था। हालांकि उस वक्त डॉ. नूर मोहम्मद ने कोई भी क्लीनिक संचालित करने से इंकार किया था।
इस बाबत पूछने पर एसडीएम और तहसीलदार की ओर से कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
इसके अलावा दढ़ियाल में जिला पंचायत वार्ड नौ से बसपा समर्थित सदस्य अनुराधा चौहान के सरकथल में स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को सोमवार को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई बिना कक्षाओं का संचालन किए ही प्रमाण पत्र बांटने के आरोप में की गई। एसडीएम टांडा निरंकार सिंह, डीआईओएस विनोद कुमार, बीएसए ऐश्वर्या लक्ष्मी समेत तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी कार्रवाई के वक्त मौजूद रहे।
इस बारे में पूछने पर एसडीएम निरंकार सिंह ने कहा कि संस्थान के खिलाफ बिना कक्षा संचालित किए फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बांटने की शिकायत थी। जांच के दौरान संस्थान काफी समय से बंद रहने और मौके पर शिक्षक व प्रधानाचार्य के अनुपस्थित रहने की बात सामने आई, जिसके बाद संस्थान के दफ्तर और क्लासरूम को सील कर दिया गया है। संस्थान प्रबंधक को नोटिस दिया जाएगा कि निश्चित समय के अंदर आईटीआई कालेज रामपुर के प्रधानाचार्य के समक्ष जरूरी अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे।
उधर अनुराधा चौहान की पुत्री महिमा चौहान का कहना है कि संस्थान पर जो फर्जी प्रमाण पत्र बांटने का आरोप लगाया गया है, वह पूर्णतया गलत है। कोरोना काल के चलते हमारे संस्थान की ओर से ऑनलाइन परीक्षा और कक्षाएं संचालित की गईं हैं। नोटिस मिलने पर अभिलेख भी प्रस्तुत कर दिए जाएंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी समर्थित उम्मीदवार नसरीन जहां की संपत्ति की भी पड़ताल शुरू हुई है। राजस्व विभाग की टीम ने टांडा बादली में उन पर सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप के क्रम में जमीन के कुछ हिस्से में बनी दुकानों के बारे में जानकारी जुटाई। पैमाइश करने के बाद उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी। टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में दुकान वाला स्थान किसी और रूप में दर्ज है।
डरा कर नाम वापसी चाहता है प्रशासन : नसरीन
रामपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी समर्थित प्रत्याशी नसरीन जहां ने प्रशासन पर डराकर नाम वापसी के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि जिला प्रशासन व तहसील प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में आकर उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहा है। मकान एवं दुकानों को गिराने की धमकियां दी जा रही हैं। उनके समर्थन के सदस्यों को भी धमकाया या परेशान किया जा रहा है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से कार्रवाई करने की मांग की है।
संवाद
प्रशासन प्रत्याशी एवं सदस्यों के खिलाफ जबरन कार्रवाई कर लोकतंत्र की हत्या कर रहा है। हमारा चुनाव प्रशासन से नहीं, बल्कि भाजपा से है। अफसरों को ध्यान रहना चाहिए कि सरकारें आती जाती रहती हैं। कोई जीते या हारे, लेकिन इस तरह की कार्रवाई गलत हैं।
-अखिलेश कुमार, जिलाध्यक्ष, सपा, रामपुर
हम अपने चुनाव की तैयारियों में लगे हुए हैं। ऐसे में हमें जानकारी नहीं है कि कहां क्या हो रहा है।
-अभय गुप्ता, जिलाध्यक्ष, भाजपा, रामपुर