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जिला सहकारी बैंक घोटाला : गबन का मामला एक जैसा, कार्रवाई अलग अलग

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रामपुर। जिला सहकारी बैंक की तीन शाखाओं में एक ही तरह से गबन किया गया, लेकिन बैंक अधिकारियों ने कार्रवाई अलग-अलग की है। राजद्वारा शाखा में तो गबन का पूरा ठीकरा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर ही फोड़ दिया, जबकि यह बड़ा सवाल है कि सिस्टम के यूजर पासवर्ड की जानकारी के बिना डाटा अपडेट कैसे हो गया। क्योंकि, नियमानुसार कोई भी कर्मचारी किसी दूसरे कर्मचारी का यूजर और पासवर्ड इस्तेमाल कर नहीं कर सकता है। ऐसे में यह संभव ही नहीं है कि किसी दूसरे अधिकारी या कर्मचारी की इस मामले में संलिप्तता न हो। बावजूद इसके सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को ही निलंबित किया गया और अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बचा दिया गया।
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जिला सहकारी बैंक की पटवाई, राजद्वारा एवं पुराना गंज शाखा में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने साजबाज कर मृतक खाताधारकों के खातों से धनराशि निकाल ली। तीनों ही जगह एक जैसा मामला सामने आया था। इस मामले में बैंक सचिव ने एक साल पहले पुराना गंज शाखा के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था, लेकिन तीन कर्मचारियों को बचा लिया था। सीडीओ की सख्ती के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के बाद बाकी के तीन कर्मचारियों को भी निलंबित कर दिया था। इसी तरह पटवाई शाखा में भी दो शाखा प्रबंधकों समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था।
ऐसा ही मामला राजद्वारा शाखा में हुआ था, लेकिन यहां बैंक अधिकारियों ने सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया। जबकि, शाखा के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को बचा लिया गया। वह भी तब जब किसी भी खाते में अपडेट उच्चस्तरीय अधिकारी या कर्मचारी की आईडी से ही हो सकता है। क्योंकि, हर कर्मचारी या अधिकारी की यूजर आईडी एवं पासवर्ड अलग अलग होता है और वह भी तबादले के साथ दूसरी शाखा में ट्रांसफर कर दी जाती है। इसके बाद भी शाखा के खाताधारकों के फोटो एवं हस्ताक्षर तक बदल गए। लिहाजा, यह संभव ही नहीं है कि किसी दूसरे अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता न हो। किन्तु, इसके बाद भी सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ ही कार्रवाई की गई है। हालांकि, बैंक अधिकारियों का दावा है कि सिस्टम में डाटा अपडेट ही नहीं हुआ था। लेकिन, यदि डाटा अपडेट नहीं हुआ था, तो फिर करीब सात लाख रुपये निकले किस तरीके से। ऐसे में यह साफ है कि कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
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राजद्वारा शाखा का मामला तो पकड़ में ही शाखा प्रबंधक की वजह से आया था। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को एक महिला को लाकर रुपये निकालते हुए देख लिया था। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सिर्फ फार्मों में फोटो बदले थे, जो सिस्टम में अपडेट नहीं हो पाए थे। -संजय गुप्ता, उप महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक, रामपुर।
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