विधान सभा चुनाव में मतदान निपटने के बाद राजनीतिक रंजिशें खुलकर सामने आने लगी हैं। किले के पास एक चिकिन कार्नर को पुलिस ने तहस-नहस कर फेंक दिया। विरोध में बसपाई सड़क पर उतर आए। आरोप है कि सपा को वोट नहीं देने पर बसपा समर्थक का चिकिन कार्नर फेंका गया है। बसपाई कई घंटे हंगामा करते रहे। कैबिनेट मंत्री आजम खां के विरोध में नारेबाजी की गई। करीब तीन घंटे बाद सीओ के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने बसपा समर्थकों को डंडा फटकार कर खदेड़ दिया। इस घटना से किला क्षेत्र में अफरा -तफरी का माहौल पैदा हो गया।
कोतवाली थाना क्षेत्र में किला गेट निवासी एजाज का घर से कुछ दूरी पर चिकन कार्नर है। एजाज का आरोप है कि गुरुवार शाम कोतवाली थाने में तैनात एसएसआई फोर्स के साथ आए। उन्होंने एजाज से बसपा को वोट डालने का कहते हुए दुकान खाली करने की बात कही। दुकान खाली न करने पर सामान को फेंकना शुरू कर दिया। जिससे वहां पर हंगामा खड़ा हो गया था। भीड़ एकत्र होने के बाद पुलिस कर्मी वहां से फरार हो गए। उसके बाद विरोध स्वरूप लोगों ने किले के गेट को चारों तरफ से बंद कर दिया।
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उसके बाद नगर पालिका चेयरमैन अजहर खां व पुलिस प्रशासन हाय हाय के जमकर नारे लगाए। कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। बसपा प्रत्याशी डा. तनवीर भी पहुंच गए और विरोध जताया। धीरे-धीरे पूरे शहर में बवाल होने की सूचना फैल गई, और भीड़ बढ़ती चली गई। लेकिन पुलिस मौके पर नहीं आई। बसपा समर्थक आरोप लगा रहे थे कि सपा को वोट नहीं देने पर उसके साथ चेयरमैन ने यह ज्यादती कराई है।
काफी देर बाद डायल 100 की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। लोगों ने उनमें आए पुलिस कर्मियों को भगा दिया। उसके बाद सीओ सिटी व कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। जाम लगाए बैठे लोगों को पुलिस से वहां से खदेड़ दिया। जिससे वहां पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। किला गेट पर फोर्स तैनात कर दी गई है। अभी किसी ओर से तहरीर नहीं दी गई है।