- प्रशासन ने खाली कराई जमीन तो एक पक्ष ने लगाया था बोर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
मिलक ( रामपुर)। पुलिस व प्रशासनिक अमला सक्रिय होता तो सिलईबड़ा गांव में इतना बड़ा बवाल नहीं होता। 15 दिन पहले ग्राम समाज की जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया था, लेकिन इसके बाद यहां पर आंबेडकर पार्क का बोर्ड लगा दिया। जिसकी शिकायत लोगों ने अफसरों से की थी, लेकिन समझौते को लेकर कोई पहल नहीं की गई। जिसका नतीजा यह हुआ कि गांव में जमकर बवाल हो गया और 10वीं के छात्र की जान चली गई।
क्षेत्र के सिलईबड़ा गांव में ग्राम समाज की भूमि पर कूड़ा पड़ा रहता था। राजस्व प्रशासन की ओर से 15 दिन पहले यहां से कूड़े को हटवाकर जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया गया। जमीन पर से कब्जा हटने के बाद दलित समाज के लोगों ने यहां पर आंबेडकर पार्क का बोर्ड लगा दिया। बोर्ड लगने का गांव के ही दूसरे समाज के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। साथ ही इस मामले की शिकायत तहसील स्तरीय अफसरों से लेकर अन्य पुलिस अफसरों से भी की। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसका नतीजा यह रहा कि गांव में बवाल हो गया। ग्रामीणों के अनुसार शिकायत के बाद मंगलवार की शाम करीब 4 बजे एसडीएम समेत अन्य अफसर गांव पहुंचे थे। लेकिन विवाद के चलते प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस को सूचना देकर वहां से चले गए थे। करीब डेढ़ घंटे तक चली मशक्कत के बाद भी दोनों पक्ष शांत नहीं हुए और दोनों पक्षों में तनाव बढ़ता चला गया। जिसके बाद करीब साढ़े पांच बजे पुलिस की मौजूदगी में ही यहां पर फायरिंग होने लगी, जिसके बाद यह बड़ा घटना हो गई। घटना से गांव में तनाव बना हुआ है। तीन थानों की पुलिस मौके पर है और आला अधिकारियों लगातार मामले का संज्ञान लेते रहे।
घर का बड़ा बेटा था सुमेश, मौत के बाद सदमे में परिजन
सुमेश घर का बड़ा बेटा था। सुमेश हाईस्कूल का परीक्षार्थी था। वह मंगलवार की सुबह ही गणित का पेपर देने गया था और फिर दोपहर बाद लौटा था। शाम को जब गांव में हंगामा होने लगा तब भीड़ में वह भी शामिल हो गया। इस बीच हुई फायरिंग में सुमेश को गोली लग गई। गोली लगते ही सुमेश सड़क पर ही गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सुमेश के परिजनों का रोकर बुरा हाल था। सुमेश की बहनें भी हैं। सुमेश घर में सबसे बड़ा बेटा था। संवाद
मकान की खिड़की से की गई थी फायरिंग
ग्रामीणों का कहना है कि पार्क के बराबर में स्थित मकान की खिड़की से गोली चली थीं। उनका कहना है कि दो पुलिस कर्मियों ने फायरिंग की है। ग्रामीणों ने एसपी से भी इस मामले में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटनास्थल पर शव को लेकर धरने पर बैठे परिजन
घटना में छात्र की मौत के बाद परिजन घटना स्थल पर ही शव को लेकर बैठ गए और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। जिसके बाद देर रात मुरादाबाद मंडल आयुक्त घटनास्थल पर पहुंचे।