रामपुर। सपा सांसद आजम खां के यतीमखाना और डूंगरपुर प्रकरण में दर्ज 23 मुकदमों में सुनवाई हुई। इस दौरान आजम खां के अधिवक्ता ने कोतवाली में दर्ज 12 मुकदमों में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिसमें अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया है। अब 10 से लेकर 15 जनवरी तक अलग-अलग मामलों की अलग-अलग सुनवाई होगी।
सपा सांसद आजम खां के खिलाफ वर्ष 2019 में यतीमखाना और डूंगरपुर प्रकरण में वहां के निवासियों ने कोतवाली व गंज थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे। जिसमें उनका आरोप था कि आजम खां और उनके सहयोगियों ने वहां के रहने वाले लोगों के साथ मारपीट की। लूटपाट करने के साथ ही मकानों पर बुलडोजर चलवाए। जिसमें बस्ती के लोगों ने आजम खां के साथ उनके मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजहर खां, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष ओमेंद्र चौहान, मौजूदा सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल सहित कई सपा नेताओं के नाम रिपोर्ट में शामिल किए गए थे। इन सभी मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
बुधवार को एमपी-एमएलए सेशन ट्रायल कोर्ट में इन मामले की सुनवाई नियत थी। जिसमें आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया होनी थी। इस दौरान सपा सांसद आजम खां के अधिवक्ता की ओर से कोतवाली में दर्ज 12 मुकदमों में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि सपा सांसद आजम खां के ऊपर दर्ज मुकदमे राजनैतिक द्वेष भावना से दर्ज किए गए हैं। आजम खां का मुकदमों से कोई लेना देना नहीं है। पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में कोई अपराध नहीं बनता है। लिहाजा, आजम खां को मुकदमों के आरोपों से उन्मोचित (आरोपों से मुक्त) किया जाए। अभियोजन की ओर से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई है। इस दौरान सपा सांसद आजम खां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीतापुर जेल से जुड़े। अब इन मामलों में सुनवाई के लिए 10, 11, 12, 13, 14 और 15 जनवरी की तारीख तय की गई है। जिसमें अलग-अलग तारीख में अलग-अलग मुकदमों की सुनवाई होगी।