रामपुर। ग्रामीण इलाकों के युवा अब जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी में अपना ज्ञानार्जन कर सकेंगे। जिले में 11.80 करोड़ रुपये की लागत से 277 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। इसके लिए शासन की ओर से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
ग्राम पंचायतों में रहने वाले युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ ही अन्य परीक्षाओं की तैयारियां गांव में ही कराने के लिए हर ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कराई जा रही है, ताकि युवाओं का लाइब्रेरी में पढ़कर शैक्षिक विकास हो सके। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।
पंचायत विभाग और शिक्षा विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार किया गया था,जिसे अब मंजूरी मिल चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है। जल्द ही इस पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। डीपीआरओ नत्थु लाल गंगवार का कहना है कि पहले चरण में जिले की 277 ग्राम पंचायतों में डिजीटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। प्रत्येक लाइब्रेरी पर चार लाख रुपये का खर्चा आएगा। इस तरह 277 लाइब्रेरी पर 11.80 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। डीपीआरओ नत्थु लाल गंगवार ने बताया कि लाइब्रेरी ग्राम पंचायतों के भवन में बनेगी। इसकी देखभाल ग्राम पंचायत समिति करेगी।
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किताबों की खरीद पर खर्च होंगे 1.80 लाख रुपये
किताबों की खरीद पर ग्राम पंचायत की ओर से 1..80 लाख रुपये का खर्चा होगा। डीपीआरओ के अनुसार 90 हजार ई बुक्स खरीदी जाएंगी,जबकि इतने ही रुपये की किताबें स्थानीय स्तर पर खरीदी जाएंगी।
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यह होंगी विशेषताएं
प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी में कंप्यूटर, इंटरनेट और वाई-फाई की सुविधा होगी।
छात्रों को ई-बुक्स, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और अन्य डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
बिजली की समस्या से निपटने के लिए लाइब्रेरी में सोलर पैनल से बिजली की व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव
यह होगा फायदा
ग्रामीण छात्रों को शहरी छात्रों के समान शैक्षणिक संसाधन और सुविधाएं मिलेंगी।
यह योजना छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई और रिसर्च करने में मदद करेगी।
ग्रामीण युवाओं को रोजगार और सफलता की राह पर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।