रामपुर। मुरादाबाद-बरेली हाईवे के बीच रामपुर में जो बाईपास है, उसकी सड़क कई जगह पतली है। ऐसे में ओवरटेकिंग करते अक्सर हादसे हो जाते हैं। ओवरटेकिंग की वजह से सोमवार को हुए हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। बाईपास पर होने वाले हादसों को देखते हुए पुलिस का मानना है कि वहां पर डिवाइडर होना चाहिए। इस आशय का प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही डीएम के माध्यम से एनएचएआई को भेजा जाएगा।
एसपी शगुन गौतम का कहना है कि सोमवार को हुए हादसे के बाद मैं मौके पर गया था। वहां पर सड़क पतली है, डिवाइडर भी नहीं है। बाईपास पर वाहन तेज गति से चलते हैं। ऐसे में ओवरटेकिंग के वक्त हादसे की संभावना बढ़ जाती है। सड़क हाईवे की है इसलिए वहां पर स्पीड ब्रेकर भी नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सिविल लाइंस कोतवाली के इंस्पेक्टर को निर्देश दिया गया है कि वो बाईपस पर डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव तैयार करें। इस प्रस्ताव को जिलाधिकारी के माध्यम से एनएचएआई को भेजा जाएगा। तीन साल पहले भी इस आशय का प्रस्ताव का भेजे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मेरे संज्ञान में नहीं है। पुराने प्रस्ताव को निकलवा लिया जाएगा। अगर कोई प्रस्ताव भेजा गया था तो उस पर क्या अमल हुआ। इस बारे में भी जानकारी हासिल की जाएगी। एसपी ने बताया कि जिस जगह पर हादसा हुआ है वहां पर पुल से उतरते ही सड़क अचानक से पतली हो जाती है। दोनों तरफ से वाहन तेज गति से आते हैं, ऐसे में चालक को दूर से दिखाई भी नहीं देता है कि कोई वाहन सामने से आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस समस्या का समाधान यही है कि वहां पर डिवाइडर बनवा दिया जाए।