डिप्टी सीएम ने ब्रजेश पाठक ने आजम खां का नाम लिए बिना कहा कि अब पसमांदा समाज बड़े मियां का हुक्का नहीं भरेगा। पसमांदा समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कंधे से कंधा मिलाकर अपने विकास की राह बनाएगा।
उन्होंने तेजपत्ते का उदाहरण देते हुए कहा कि खाने में स्वाद के लिए तेजपत्ता डाला जाता है, लेकिन खाना खाने से पहले उसे निकालकर किनारे रख दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह से अन्य दलों ने पसमांदा समाज का इस्तेमाल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। जब उनकी तरक्की की बात आई तो उससे किनारा कर लिया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ को मजबूत कीजिए वो रामपुर की तस्वीर और तकदीर बदल देंगे।
ब्रजेश पाठक शनिवार को महात्मा गांधी स्टेडियम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से आयोजित पसमांदा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले केंद्र में यूपीए की सरकार थी। यूपीए-1 और यूपीए-2 के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड टूट गए थे। आए दिन घोटाले सामने आ रहे थे। पूरी दुनिया में देश की छवि धूमिल हो चुकी थी। केंद्र में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार आई तो उसके सामने देश की छवि को बेहतर बनाने और अमीर-गरीब के बीच में अंतर को पाटने की चुनौती थी। मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने सबका साथ सबका का विकास की नीति पर अमल करते देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में हालात थे किसी से छुपा हुआ नहीं है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद गुंडे-माफिया का सफाया हो गया। आज पूरे प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि पसमांदा समाज चिंता न करे। सुरक्षा की जिम्मेदारी मैं लेता हूं। पसमांदा समाज के हक और हकूक की रक्षा की जाएगी।
इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, प्रदेश के राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, दानिश आजाद अंसारी, सांसद घनश्याम सिंह लोधी, एमएलसी सतपाल सैनी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली, प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी, पूर्व सांसद साबिर अली, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, पूर्व विधायक यूसुफ अली, भाजपा के जिलाध्यक्ष अभय गुप्ता, भारत भूषण गुप्ता, आकाश सक्सेना, वसीम खान, फैसल मुमताज, नदीम खान, नसीम खां, मोहन लोधी, जागेश्वर दयाल दीक्षित, कपिल आर्या और राजीव मांगलिक सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।