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फिर गरजी जेसीबी, चार मकान ध्वस्त

Tue, 26 Apr 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
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आलियागंज में सोमवार को हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद विलाप करती महिला।
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जौहर यूनिवर्सिटी के पास निर्माणाधीन स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए बन रही सड़क के आड़े आ रहे चार मकान सोमवार को जेसीबी चलाकर नेस्तनाबूद कर दिए गए। कार्रवाई के विरोध में बिलखती महिलाएं व बच्चे अफसरों से ‘न तोड़ो-न तोड़ो’ की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें अनसुना कर दिया।
अपने मकान को ढहता देख एक महिला बेहोश हो गई, जबकि विरोध में जेसीबी के सामने आई एक महिला को महिला पुलिस ने हटा दिया। इन चार मकानों को मिलाकर आलियागंज में सड़क बनाने के नाम पर नौ मकान तोड़े जा चुके हैं।
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जौहर यूनिवर्सिटी के पास ही स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण चल रहा है। स्टेडियम के लिए यूनिवर्सिटी के बगल से सड़क बनाई जा रही है। सड़क आलियागंज गांव से होकर गुजरती है। प्रशासन का दावा है कि आलियागंज में निर्माणाधीन सड़क के बीच में जो मकान आ रहे थे वे ग्राम समाज की जमीन अवैध रूप से बनाए गए थे। इसको लेकर प्रशासन लंबे समय से गांव के लोगों पर दबाव बनाए हुए था।

बुधवार को अजीमनगर थाने की पुलिस ने आलियागंज में जेसीबी चलवाकर पांच मकानों को ध्वस्त करा दिया था। इसके बाद यहां पर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम धरने पर बैठ गए थे। बाद में उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। रविवार को पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे सलाम को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद पब्लिक व पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें 19 लोग घायल हो गए थे।

रविवार को प्रभारी जिलाधिकारी अमित किशोर ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि आलियागंज में प्रशासन ने मकान नहीं तोड़े हैं, लेकिन वहां चार मकान और तोड़े जाएंगे। इसके बाद सोमवार को बड़ी संख्या में पुलिस के साथ अधिकारी आलियागंज पहुंचे और चार मकानों पर जेसीबी चलवा दिया।  पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता नजमुद्दीन, सिटी मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल, तहसीलदार सदर अमित भारतीय की देखरेख में ग्रामसमाज की जमीन पर बने हुए चार और मकानों को चार जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही।
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जेसीबी से मकानों ढहाते देख  गांव में मौजूद महिलाओं में चीखपुकार मच गई। महिलाएं घरों से बाहर निकल आईं। कुछ पुलिस कर्मियों से नोकझोंक करने लगीं, मगर पुलिस की सख्ती के आगे उनकी एक न चली। एक के बाद दूसरा मकान पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, जबकि दो मकानों के आगे के उतने हिस्से को तोड़ा गया जो ग्रामसमाज की जमीन पर आ रहा था। करीब दो घंटे में सड़क निर्माण में बाधक बने मकानों को गिरा दिया गया। 
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