स्वार (रामपुर)। नैनीताल जा रहे पर्यटकों से सीएचसी पर कोरोना टेस्ट कराने और रिपोर्ट देने के एवज ने सुविधा शुल्क मांगे जाने को लेकर पर्यटक भड़क गए और कोरोना जांच नि:शुल्क होने की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कोतवाली पहुंचकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सुविधा शुल्क मांगने की तहरीर पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया और उनका टेस्ट कराकर उन्हें रवाना किया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
लगातार पड़ रही गर्मी के चलते दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद आदि जगहों से सैलानी बड़ी संख्या में नैनीताल जा रहे हैं। उत्तराखंड के बाजपुर दोराहा बॉर्डर पर बिना कोरोना जांच के बाहर के लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। लिहाजा, दोराहे पर ही कोरोना की जांच कराई जा रही है। बॉर्डर पर अधिक भीड़ हो जाने के कारण सैलानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने को पहुंच रहे हैं। रविवार की सुबह लगभग छह बजे मेरठ और दिल्ली के कुछ सैलानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना जांच कराने के लिए पहुंचे। आरोप है कि जांच के बाद रिपोर्ट देने के नाम पर स्वास्थ्य कर्मी द्वारा उनसे सुविधा शुल्क की मांग की गई, इस पर पर सैलानियों ने नि:शुल्क कोरोना जांच किए जाने की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इससे सीएचसी में अफरातफरी मच गई। सभी सैलानी हंगामा करते हुए कोतवाली पहुंचे और स्वास्थ्य कर्मियों पर कोरोना जांच के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने की तहरीर पुलिस को दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस सीएचसी पहुंच गई और वहां हंगामा कर रहे अन्य सैलानियों को शांत कराया। सभी की कोरोना जांच कराकर रिपोर्ट दिलवाकर उन्हें गंतव्य को रवाना किया गया। तब जाकर मामला शांत हुआ। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. इंदुकांत वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मी द्वारा कोरोना टेस्टिंग के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने की जानकारी मिली है। जांच कराकर दंडित किया जाएगा। पुलिस क्षेत्राधिकारी धर्म सिंह मार्छल ने बताया कि मेरठ के कुछ युवकों द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों पर कोरोना जांच के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है। कोतवाली पुलिस जांच कर रही है।