रामपुर। सिविल लाइंस में 14 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में सुनवाई आखिरी दौर में पहुंच गई है। इस मामले में मंगलवार को बचाव पक्ष की बहस शुरू हो गई। इस मामले की सुनवाई तीन अप्रैल को होगी।
सिविल लाइंस क्षेत्र के ज्वालानगर शिव विहार कालोनी में 17 मार्च 2012 को सवेरे नाले में दो युवकों के शव मिले थे। दो बाइक भी नाले में पड़ी थी। दोनों की शिनाख्त आगापुर निवासी अजय यादव और भोट थाना क्षेत्र के मिलक बिचौला गांव निवासी जुल्फिकार के रूप में हुई थी।
दोनों दोस्त थे। मृतक के परिजनों की ओर से ज्वालानगर निवासी शिव सेना के पूर्व जिला प्रमुख अनुराग शर्मा, भाजपा नेता अवधेश शर्मा, आगापुर निवासी प्रदीप पंडित, शहजादनगर थाना क्षेत्र के रायपुर का मझरा निवासी कल्लू, मुरादाबाद जनपद के थाना मूंढापांडे अंतर्गत धतुर्रा मेघानगला गांव निवासी मुकेश, उसका भाई बंटी, जनपद बदायूं के थाना मिठवा निवासी विक्की पंडित और ज्वालानगर निवासी वसीउर्रहमान उर्फ शबलू को नामजद किया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी,जिसकी सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही है। इनमें एक आरोपी शिवसेना के पूर्व जिला प्रमुख अनुराग शर्मा की मृत्यु हो चुकी है। इस मामले की सुनवाई अब आखिरी दौैर में पहुंच गई है। मंगलवार को इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से बहस की गई। अब इस मामले की सुनवाई तीन अप्रैल को होगी।