मोदी सिटी में आयोजित महफिल ए मुशायरा में देश के जाने माने शायरों ने अपने कलाम के जरिए प्यार-मोहब्बत और अमन-चैन कायम रखने का पैगाम दिया। सियासियों पर तंज कसे। अपने मुल्क पर मर मिटने की कसम खाई। मुल्क के मौजूदा हालातों से रूबरू कराया। लोगों के दिलो में देश भक्ति का जज्बा भरा। मौका था मां दयावती मोदी की 101 वीं जयंती का।
मोदी सिटी ग्लोबल सिटीजन फोरम की ओर से मां दयावती मोदी का 101 वां जन्म दिन मानाया जा रहा है। जन्म दिन समारोह में चार चांद लगाने के लिए जाने माने शायरों को भी दावत दी गई। महफिले मुशायरा में शायरों ने अपने कलाम के जरिए लोगों तक प्यार -मोहब्बत और अमन-चैन कायम रखने का पैगाम पहुंचा। सियासियों पर तंज कसे और अपने मुल्क पर मर मिटने की कसम खाई। मुल्क के मौजूदा हालातों से रूबरू कराया। शायरों के बेहतरीन कलाम पर समाइन ने भी खूब दाद दी। तालियों की गड़बड़ाहट के बीच शायरों ने भी हर कलाम पर खूब वाहवाही लूटी।
मुशायरे की निजामत के फराइज को अंजाम देते हुए अनवर जलालपुरी ने यह कलाम पेश किया तुम प्यार की सौगात लिए घर से तो निकलो रस्ते में कोई दुश्मन न मिलेग।ा मशहूर शायर डा. पापुलर मेरठी को दावते सुखन दी। उन्होंने सियासियों पर कुछ इस तरह तंज कसा-अजब नहीं है ये तुक्का भी तीर हो जाए, फटे हुऐ दूध से वो पनीर हो जाए। मबालियों को न देखा करो हिकारत से,न जाने कौन सा गुंडा बजीर हो जाए।। अना देहलवी ने मुल्क की शान में यह कलाम पेश किया-दिल में जो है मेरे अरमान भी दे सकती हूँ,सिर्फ अरमां नहीं ईमान भी दे सकती हूँ। मुल्क से अपने मुझे इतनी मौहब्बत है अना,मैं तिरंगे के लिए अपनी जान भी दे सकती हूं।। जैसे ही वसीम बरेलवी को दावते सुखन दी गई लोगों ने तालियों से उनका इस्तकबाल किया।
उन्होंने कलाम पढ़ा- सहारा लेना ही पङता है मुझको दरिया का,मैं एक कतरा हूँ तन्हा तो बह नहीं सकता। लगा के देख ले जो भी ह़िसाब आता है,मुझे घटाकर वो गिनती में रह नहीं सकता। मुशायरे में मोदी सिटी के फाउंडर डा. एम, उनकी पत्नी डा. वीना मोदी विधायक विधायक संजय कपूर, पूर्व सांसद बेगम नूरबानो, सूर्य प्रकाश पाल, भारत भूषण गुप्ता, अशोक विश्नोई, प्रमिल कुमार शर्मा निक्कू पंडित, अरशद अली खां गुड्डू, इरशाद महमूद, बाबर अली खां, वीर खालसा सेवा समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह, मामून शाह, एमडीपीएल के प्रेसिडेंट अखिलेश सक्सेना, एचआर हेड विद्या छावड़ा, वाइस प्रेसिडेंट एस रहमान, डा. सुमन तोमर मौजूद रहीं। डा. एम को वीर खालसा सेवा समिति ने सम्मानित भी किया।